लेबनान ने इसराइल के साथ व्यापक बातचीत का रास्ता साफ करने के लिए अस्थायी युद्धविराम की मांग की है। लेबनान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि वे इस मामले में अमेरिका को एक मुख्य मध्यस्थ और गारंटी देने वाले देश के रूप में देख रहे हैं। यह पहल ऐसे समय में आई है जब इसराइल और लेबनान के बीच संघर्ष काफी बढ़ गया है और बेरूत जैसे शहरों पर लगातार हमले हो रहे हैं। लेबनानी सरकार का मानना है कि शांति बहाली के लिए युद्ध को कुछ समय के लिए रोकना बेहद ज़रूरी है।

युद्धविराम की मांग और ज़मीनी हालात क्या हैं?

9 अप्रैल 2026 को लेबनानी अधिकारियों ने साफ किया कि वे शांति के लिए एक नया रास्ता तलाश रहे हैं। प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इसराइल पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करने और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। पिछले 24 घंटों में इसराइली हवाई हमलों की वजह से लेबनान में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 250 लोगों की मौत हो चुकी है और 1100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके जवाब में हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे हैं।

इस मामले पर प्रमुख देशों की क्या प्रतिक्रिया है?

  • फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने लेबनान को मौजूदा अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते में शामिल करने पर ज़ोर दिया है।
  • इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि हिजबुल्लाह पर सैन्य कार्रवाई पूरी ताकत और दृढ़ता के साथ जारी रहेगी।
  • UN महासचिव António Guterres ने लेबनान में हो रहे नागरिक नुकसान और इसराइली हमलों की कड़ी निंदा की है।
  • ईरान ने लेबनान पर हमलों के विरोध में Strait of Hormuz को बंद करने का फैसला लिया है।
  • पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम में एक मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.