लेबनान आर्मी चीफ ने इसराइल पर लगाया बड़ा आरोप, फ्रेमवर्क समझौते के उल्लंघन के बाद सीमा पर बढ़ा तनाव.

लेबनान की सेना के कमांडर ने 18 अगस्त 2026 को ऐलान किया कि उनके सैनिक तय किए गए फ्रेमवर्क समझौते के नियमों के तहत अपनी ड्यूटी पूरी तरह निभा रहे हैं। साथ ही सैन्य नेतृत्व ने साफ किया कि इसराइल लगातार इस डील की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है और देश के अंदर हमले कर रहा है। सीमावर्ती इलाकों में लगातार बढ़ रही अशांति के बीच यह बड़ी बात सामने आई है।
इसराइल की तरफ से लगातार हमले और गोलाबारी जारी
18 अगस्त 2026 को आई कई रिपोर्ट्स के मुताबिक इस इलाके में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। लेबनान की मीडिया ने बताया कि इसराइल ने संघर्ष विराम का नया उल्लंघन किया है। बेरूत के दक्षिणी उपनगर और पूर्वी हर्मेल के ऊपर लड़ाकू विमान और ड्रोन लगातार उड़ रहे हैं। इसके अलावा दक्षिणी इलाकों में ताबड़तोड़ तोप से गोले दागे जा रहे हैं और शीबा के पास सैन्य घुसपैठ भी की गई है। टायर जिले के अल-मंसूरी इलाके में सुबह-सुबह इस्राइली एयरस्ट्राइक हुई और हद्दाथा तथा बारचीट की तरफ मशीन गन से फायरिंग की गई।
इसराइली सेना के दो टैंक और एक बुलडोजर ने अल-बयादेर इलाके से शीबा के पास आकर कई घरों पर गोले बरसाए। इसराइली रक्षा बलों (IDF) ने 18 अगस्त 2026 को जानकारी दी कि लेबनान सीमा पर जरित के ऊपर एक 'फर्जी टारगेट' को निशाना बनाकर इंटरसेप्टर मिसाइल दागी गई थी।
हिंसा में खतरनाक बढ़ोतरी और आम नागरिकों पर असर
संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल यानी UNIFIL ने हिंसा में बहुत खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज की है। 5 से 16 अगस्त के बीच UNIFIL ने पाया कि इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हर दिन औसतन 137 गोले दागे। इनमें से एक शनिवार को 208 और एक रविवार को 185 गोले दागे गए थे। गर्मियों के मौसम में UNIFIL ने लेबनान के एयरस्पेस में इसराइली सेना की मौजूदगी लगभग हर दिन देखी। 7 और 8 अगस्त के बीच इसराइली सेना ने दक्षिण लेबनान में 455 गोले दागे और लेबनान के एयरस्पेस का 97 बार उल्लंघन किया।
इस लड़ाई की सबसे बड़ी कीमत आम लोग चुका रहे हैं। सुरक्षा न होने की वजह से बहुत से परिवारों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा है या अपनी रोजमर्रा की जिंदगी बदलनी पड़ी है। लेबनान के अधिकारियों के मुताबिक 2 मार्च से लेकर अब तक इसराइली हमलों में 4,346 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,301 लोग घायल हुए हैं। इन हमलों की वजह से 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं।
लेबनान और इसराइल के बीच हुआ था समझौता
लेबनान और इसराइल के बीच 26 जून 2026 को अमेरिका की मध्यस्थता से एक फ्रेमवर्क समझौता साइन हुआ था। इस समझौते में कहा गया था कि इसराइल लेबनान के उन सभी इलाकों से धीरे-धीरे पीछे हटेगा जहाँ उसने कब्जा किया है। इसके बाद खाली हुई जगहों पर लेबनान की सेना तैनात होगी और हथियारबंद समूहों को खत्म किया जाएगा। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने UNIFIL के कार्यकाल को बढ़ाने का समर्थन किया है जो साल 2026 के आखिर में खत्म होने वाला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सेना की मौजूदगी जारी रखने के लिए एक फॉर्मूला अपनाने की बात भी कही। दूसरी तरफ हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने इस फ्रेमवर्क डील को मानने से इनकार कर दिया और इसे इसराइल का हुक्म बताया है।