इस्राइली हमलों के बीच लेबनान में हालात काफी गंभीर हो गए हैं। अपनी जान बचाने के लिए अब तक लगभग 7 लाख लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। इस भारी विस्थापन को देखते हुए लेबनान सरकार ने बेरूत के Camille Chamoun Sports City Stadium को एक अस्थायी शेल्टर में बदल दिया है। यह कदम राजधानी में बढ़ती भीड़ और सड़कों पर सो रहे बेघर लोगों को सुरक्षित जगह देने के लिए उठाया गया है।

स्टेडियम में रहने के लिए क्या हैं नियम और सुविधाएं

जो परिवार इस स्टेडियम या अन्य सरकारी शेल्टर में रहना चाहते हैं, उन्हें सरकार के पोर्टल www.mosa-relief.com पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। यह स्टेडियम मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो बेरूत Municipality में रजिस्टर्ड हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन सभी रजिस्टर्ड लोगों का 100 प्रतिशत मेडिकल खर्च उठाने की घोषणा की है। साथ ही इन सरकारी शेल्टरों में रहना पूरी तरह से मुफ्त है। पुलिस को सख्त निर्देश दिया गया है कि जो लोग सड़कों, टेंट या कारों में सो रहे हैं, उन्हें तुरंत इस स्टेडियम में शिफ्ट किया जाए। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम और स्थानीय मंत्रालय के जरिए लगभग 50 हजार परिवारों को नकद आर्थिक मदद भी दी जा रही है ताकि वे अपनी जरूरत का सामान खरीद सकें।

लेबनान में विस्थापन और मौजूदा स्थिति

संयुक्त राष्ट्र और अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार 10 मार्च 2026 तक पूरे देश में 7 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। 8 मार्च तक के आंकड़ों के मुताबिक करीब 1.17 लाख लोग 538 सरकारी शेल्टरों में रह रहे थे। 2 मार्च 2026 को तनाव बढ़ने के बाद से अब तक करीब 500 लोगों की जान जा चुकी है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार अब लोगों से अपील कर रही है कि वे लेबनान के उत्तरी हिस्सों और Akkar की ओर जाएं, क्योंकि वहां शेल्टरों में अभी जगह खाली है और हालात बेरूत के मुकाबले कम भीड़भाड़ वाले हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.