लेबनान में जारी हिंसा के कारण वहां के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। UNICEF की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 के पिछले तीन हफ्तों में लेबनान की लगभग 20 प्रतिशत आबादी को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। इसमें सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है, जहां हर दिन औसतन 19,000 बच्चे विस्थापित हो रहे हैं। इस संकट ने वहां की पूरी व्यवस्था और आम लोगों के जीवन को काफी प्रभावित किया है।

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लेबनान में विस्थापन और बच्चों की मौजूदा स्थिति क्या है?

UNICEF के प्रतिनिधि Marcoluigi Corsi ने बताया कि पिछले तीन हफ्तों में 3,70,000 से ज्यादा बच्चे अपना घर छोड़ चुके हैं। हिंसा की वजह से अब तक 121 बच्चों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों बच्चे घायल हुए हैं। वहां की स्थिति इतनी गंभीर है कि हर पांच में से एक बच्चा बेघर हो चुका है। विस्थापित लोग सामूहिक आश्रय स्थलों में रह रहे हैं, जहां भीड़ अधिक होने के कारण सुरक्षा और सुविधाओं की भारी कमी देखी जा रही है।

हिंसा और विस्थापन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

विवरण आंकड़े
रोजाना विस्थापित होने वाले बच्चे 19,000 (औसत)
3 हफ्ते में कुल विस्थापित बच्चे 3,70,000 से अधिक
कुल विस्थापित आबादी 10 लाख से अधिक
मारे गए बच्चों की संख्या 121
घायल हुए बच्चे 395
आश्रय स्थलों की संख्या 660 से अधिक

बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर असर

बमबारी और बार-बार अपना घर छोड़ने की वजह से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। UNICEF और Save the Children जैसी संस्थाओं ने बताया कि बच्चे गहरे डर और मानसिक तनाव में जी रहे हैं। हिंसा की वजह से स्कूलों और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुँचा है, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में है। संस्थाओं का कहना है कि इन बच्चों को तुरंत सुरक्षा और सहायता की ज़रूरत है ताकि उन्हें लंबे समय तक होने वाले मानसिक नुकसान से बचाया जा सके।