लेबनान में जारी हिंसा के कारण वहां मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। UNICEF और स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि पिछले कुछ दिनों में बच्चों की जान जाने की दर में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। अब तक 83 बच्चों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों बच्चे अस्पतालों में भर्ती हैं। लेबनान में रह रहे प्रवासी और स्थानीय नागरिक इस समय बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।

हिंसा के कारण लेबनान में बड़े पैमाने पर नुकसान

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों, Beirut और Bekaa Valley में हो रहे हमलों के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। परिवारों को अपने घर छोड़कर भीड़भाड़ वाले शेल्टरों में शरण लेनी पड़ रही है। स्थिति इतनी खराब है कि 12,000 से ज्यादा परिवार सुरक्षित जगहों की तलाश में भटक रहे हैं।

विवरण आंकड़े
कुल बच्चों की मौत (28 महीने में) 412
हालिया हिंसा में मृत बच्चे 83
हालिया हिंसा में घायल बच्चे 254
कुल विस्थापित लोग 7,00,000
विस्थापित बच्चे 2,00,000
उपलब्ध राहत बजट 16%

मानवीय सहायता और संस्थाओं का अगला कदम

UNICEF और Save the Children जैसी संस्थाएं जमीन पर सक्रिय हैं और बच्चों को जरूरी दवाइयां और सामान पहुंचा रही हैं। UNICEF ने 37 मोबाइल हेल्थ यूनिट तैनात की हैं ताकि विस्थापित परिवारों का इलाज किया जा सके। संस्थाओं का कहना है कि स्कूलों और अस्पतालों जैसी नागरिक सुविधाओं को युद्ध से दूर रखना जरूरी है ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो सके। फंड की कमी के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है क्योंकि अभी तक केवल 16 प्रतिशत बजट ही मिल पाया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.