लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी हिस्सों में Israeli सेना ने नए हमले किए हैं। इन हमलों में कई रिहायशी इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है और वहां रहने वाले लोग प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि लेबनान में हालात बहुत खराब हो रहे हैं और यह एक बड़े मानवीय संकट की ओर बढ़ रहा है। 2 मार्च 2026 से शुरू हुए इस तनाव के बाद से अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं।

हमलों में अब तक कितना नुकसान हुआ और पत्रकारों की मौत?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान इजरायली हमलों में 26 लोगों की मौत हुई है और 86 लोग घायल हुए हैं। 28 मार्च को हुए एक हवाई हमले में तीन पत्रकारों की भी जान चली गई, जिनमें Al-Manar TV और Al-Mayadeen TV के कर्मचारी शामिल थे। 2 मार्च से अब तक मरने वालों की कुल संख्या 1,142 के पार पहुंच गई है, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इजरायली सेना ने बयान जारी कर कहा है कि वे बेरूत में Hezbollah के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं और उन्होंने कई इलाकों को खाली करने की चेतावनी भी जारी की है।

विस्थापन और अस्पतालों पर क्या असर पड़ा है?

लेबनान में जारी इस संघर्ष की वजह से आम जनता पर बहुत बुरा असर पड़ा है। UNICEF और UNHCR की रिपोर्ट के मुताबिक हालात काफी गंभीर हैं:

  • करीब 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घरों को छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं।
  • UNICEF के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों में 3.70 लाख से ज्यादा बच्चे विस्थापित हुए हैं।
  • हिंसा की वजह से 9 अस्पतालों को निशाना बनाया गया है और 5 अस्पतालों को पूरी तरह बंद करना पड़ा है।
  • लगभग 51 स्वास्थ्य कर्मचारियों की इन हमलों में मौत हो चुकी है।
  • करीब 1.89 लाख लोग लेबनान छोड़कर सीमा पार सीरिया जा चुके हैं।
  • शेल्टर होम के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे स्कूलों में क्षमता से ज्यादा लोग रह रहे हैं।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com