लेबनान में जारी हमलों ने बच्चों के लिए हालात बहुत बुरे कर दिए हैं। UNICEF के मुताबिक, अब तक 3 लाख 90 हजार से ज्यादा बच्चे अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं। कई बच्चे मलबे के नीचे दबे मिले हैं और कई अपने परिवार से बिछड़ गए हैं। यह मानवीय संकट अब बहुत बड़ा रूप ले चुका है।

हमलों में कितने बच्चों की जान गई और क्या है ताजा स्थिति?

10 अप्रैल 2026 को हुए हमलों में 33 बच्चों की मौत हुई और 153 बच्चे घायल हुए। 2 मार्च से अब तक कम से कम 600 बच्चे या तो मारे गए हैं या घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने इसराइल के इन हमलों की कड़ी निंदा की है। वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं हुआ है और हमले जारी रहेंगे।

बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ा?

युद्ध की वजह से 339 स्कूल बंद हो गए हैं और 431 स्कूलों को लोगों के रहने के लिए शेल्टर बना दिया गया है। इससे करीब 2 लाख 50 हजार बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह रुक गई है। UNESCO ने पढ़ाई जारी रखने के लिए 6 लाख 50 हजार डॉलर की मदद दी है ताकि बच्चों को मानसिक सहारा और शिक्षा मिल सके।

विवरण आंकड़े
बेघर हुए बच्चे 3,90,000
कुल विस्थापित लोग 10 लाख से ज्यादा
कुल हताहत बच्चे (2 मार्च से) 600 से अधिक
बंद हुए स्कूल 339
शेल्टर बने स्कूल 431
पढ़ाई से प्रभावित बच्चे 2,50,000
UNESCO की मदद 6.50 लाख डॉलर
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.