दक्षिणी लेबनान में भारी तबाही, अल जजीरा की रिपोर्ट में इजरायली हमलों और मानवीय संकट का बड़ा खुलासा.

Sushma Kumari20 August 20262 min read53 viewsWorld
दक्षिणी लेबनान में भारी तबाही, अल जजीरा की रिपोर्ट में इजरायली हमलों और मानवीय संकट का बड़ा खुलासा.

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं और वहां भारी तबाही देखने को मिल रही है। अल जजीरा के पत्रकार Ali Hashem ने 20 अगस्त 2026 को दक्षिणी लेबनान से रिपोर्टिंग करते हुए बताया कि इजरायली सेना तय किए गए 'पायलट जोन' के अंदर गांवों और कस्बों को पूरी तरह मिटाने में लगी हुई है। पत्रकार ने अपने खुद के होमटाउन के पास इन हमलों को देखा और उन परिवारों से मुलाकात की जो बेघर हो चुके हैं और दूर से ही अपने घरों की बर्बादी देखने को मजबूर हैं।

सार्वजनिक और निजी संपत्तियों का भारी नुकसान

बेरूत की रिसर्च संस्था Public Works Studio ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जून के आखिर से लेकर जुलाई के अंत तक गांवों में घरों को गिराने, धमाके करने और भारी मशीनों से जमीन समतल करने का काम बड़े पैमाने पर किया गया। इस पूरे इलाके में मानवीय संकट बहुत ज्यादा गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी UNHCR के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को यह जानकारी सामने आई कि करीब 860,000 विस्थापित लोग अपने घरों को लौट चुके हैं, लेकिन अब भी 360,000 लोग ऐसे हैं जो अपने घरों से दूर रहने को मजबूर हैं।

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सप्ताहांत में हुई इजरायली एयरस्ट्राइक की वजह से लोगों को एक बार फिर से घर छोड़कर उत्तर की तरफ भागना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन UNIFIL के मुताबिक, 18 अगस्त 2026 से पहले के दो हफ्तों में इजरायल की तरफ से हर दिन औसतन 137 प्रोजेक्टाइल दक्षिणी लेबनान पर दागे गए। इन हमलों के बीच कनाडा के अंतरराष्ट्रीय विकास राज्य मंत्री Randeep Sarai ने 19 अगस्त 2026 को इन सैन्य कार्रवाइयों को गैरकानूनी आक्रमण करार दिया और लेबनान के लिए $50 million की अतिरिक्त सहायता देने का ऐलान किया।

समझौते और कूटनीतिक तनाव

यह पूरा विवाद 26 जून 2026 को अमेरिका की मदद से हुए उस समझौते के बाद शुरू हुआ था जिसके तहत इजरायली सेना को पीछे हटना था और लेबनीज आर्मी यानी LAF को वहां तैनात होना था। अमेरिका ने 20 जुलाई 2026 को घोषणा की थी कि Froun, Srifa और Zawtar al-Gharbiyeh गांवों में इन पायलट जोन को लागू किया जाएगा। हालांकि, 12-13 अगस्त 2026 को इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ कह दिया कि इजरायल इस सुरक्षा जोन से पीछे नहीं हटेगा और उत्तरी इजरायल की सुरक्षा के लिए लंबे समय तक वहां बना रहेगा।

इस बयान के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह स्थायी मौजूदगी उस फ्रेमवर्क समझौते के नियमों के खिलाफ है। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने 15 अगस्त 2026 को इन हमलों की आलोचना करते हुए इसे समझौते का उल्लंघन बताया। वहीं लेबनीज आर्मी ने भी कहा कि इजरायली गतिविधियों की वजह से विस्थापित नागरिकों को उनके घरों तक वापस लाने के उनके प्रयासों में लगातार बड़ी बाधा आ रही है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप ANI News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।

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