लेबनान की राजधानी Beirut में हालात बहुत खराब हो गए हैं। युद्ध और हमलों की वजह से लाखों लोग अपना घर छोड़कर सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। Al Jazeera की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, लोग खुले आसमान के नीचे रातें काट रहे हैं और उनके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं बचा है।

लेबनान में अब तक कितनी मौतें और तबाही हुई?

UNICEF द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस युद्ध ने बहुत बड़ी तबाही मचाई है। अब तक की स्थिति कुछ इस तरह है:

  • कुल 2,196 लोग मारे गए हैं, जिनमें 172 बच्चे शामिल हैं।
  • करीब 7,185 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 661 बच्चे हैं।
  • 11 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं, जिनमें 3 लाख 90 हजार बच्चे हैं।
  • करीब 1 लाख 41 हजार लोग 690 सामूहिक शेल्टरों में शरण लिए हुए हैं।

लोग बेघर होकर सड़कों पर क्यों आ गए?

UN की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसराइल ने लेबनान के करीब 14 प्रतिशत इलाके को खाली करने का आदेश दिया था। इस आदेश और भारी हवाई हमलों की वजह से लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। UN ने कहा है कि इस तरह से लोगों को जबरन घर छोड़ने पर मजबूर करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हो सकता है। कई लोग अब Beirut की सड़कों पर ही रहने को मजबूर हैं क्योंकि शेल्टर में जगह कम पड़ गई है।

शांति के लिए क्या कोशिशें हो रही हैं?

युद्ध को रोकने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें की गई हैं। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की अपील की है ताकि घरों को और ज्यादा तबाह होने से बचाया जा सके। अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसे 23 अप्रैल तक और तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया। वहीं ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और फ्रांस जैसे देशों ने भी शांति बनाए रखने और बातचीत शुरू करने की मांग की है।