लेबनान की सरकार ने इसराइल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में शिकायत दर्ज कराई है। 8 अप्रैल को हुए इन हमलों में भारी तबाही मची और सैकड़ों आम लोग मारे गए। लेबनान का कहना है कि इसराइल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया है।
8 अप्रैल के हमलों में कितना हुआ नुकसान?
इसराइल ने ‘ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस’ के तहत लेबनान में 100 से ज्यादा हवाई हमले किए थे। इसराइल का दावा था कि उन्होंने हज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इसमें भारी जान-माल का नुकसान हुआ। हमलों के आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| 8 अप्रैल को कुल मौतें | 357 |
| 8 अप्रैल को घायल लोग | 1,223 |
| मारे गए बच्चों की संख्या | 30 |
| मारे गई महिलाओं की संख्या | 71 |
| 2 मार्च से अब तक कुल मौतें | 2,167 |
| 2 मार्च से अब तक कुल घायल | 7,061 |
| विस्थापित हुए लोग | 10 लाख से ज्यादा |
दुनिया भर की प्रतिक्रिया और बातचीत का क्या हाल है?
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार प्रमुख और महासचिव ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। UN विशेषज्ञों ने इसे अवैध हमला और अंधाधुंध बमबारी बताया है। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया समेत 18 देशों ने एक साझा बयान जारी कर नागरिकों और उनके बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की मांग की है। इसी बीच, अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इसराइल के राजदूतों के बीच वाशिंगटन में बातचीत हुई, जो 1993 के बाद पहली बार हुआ उच्च स्तरीय संपर्क है।
अब आगे क्या होने वाला है?
इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट 15 अप्रैल की शाम को युद्धविराम (ceasefire) की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए बैठक करेगी। हालांकि, जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण हैं और दोनों तरफ से रॉकेट हमले जारी हैं। लेबनान के कई शहरों जैसे दाबिन, ब्लात और नाबातियेह में इसराइल ने हवाई हमले और गोलाबारी जारी रखी है। वहीं UNIFIL के शांतिरक्षकों के काफिले को रोकने की घटना के बाद UN ने इसराइल से नियमों का सम्मान करने को कहा है।
