लेबनान की कैबिनेट ने देश पर हो रहे इजरायली हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में एक तत्काल शिकायत दर्ज करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने गुरुवार 9 अप्रैल 2026 को इस बारे में आधिकारिक घोषणा की। सरकार ने Beirut में राज्य की शक्ति को पूरी तरह लागू करने और हथियारों पर केवल सरकारी सेना का अधिकार सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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सरकार ने बेरूत को लेकर क्या बड़े फैसले लिए हैं?

प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने बताया कि इजरायल की तरफ से बढ़ते हमले अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। इन हमलों को रोकने और शहर में कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए कुछ अहम कदम उठाए गए हैं:

  • Lebanese Army और सुरक्षा बलों को पूरे Beirut में अपनी ताकत मजबूत करने का आदेश दिया गया है।
  • हथियारों को पूरी तरह से केवल सरकारी सुरक्षा बलों के कब्जे में रखने का नियम लागू किया जाएगा।
  • Cabinet में शामिल Hezbollah के दो मंत्रियों ने हथियारों के एकाधिकार वाले इस फैसले का विरोध जताया है।
  • सरकार का लक्ष्य बेरूत के हर हिस्से में राज्य के अधिकार को पूरी तरह से बहाल करना है।

हालिया हमलों में कितना नुकसान हुआ है?

लेबनान में बुधवार 8 अप्रैल 2026 को हुए हमले पिछले पांच हफ्तों के दौरान सबसे घातक रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इन हमलों में भारी जानी नुकसान हुआ है। नीचे दी गई तालिका में हमले के प्रभाव को समझा जा सकता है:

विवरण आंकड़े
कुल मौतों की संख्या कम से कम 203 लोग
घायलों की संख्या 1,000 से अधिक
प्रभावित मुख्य क्षेत्र मध्य बेरूत और आसपास के इलाके
हमले की तारीख 8 अप्रैल 2026

इजरायल और अन्य देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

इजरायल की सेना का दावा है कि उन्होंने केवल Hezbollah के ठिकानों को निशाना बनाया है और आरोप लगाया कि उसके सदस्य नागरिक इलाकों में छिप रहे हैं। दूसरी ओर ईरान के राष्ट्रपति और संसद अध्यक्ष ने कहा है कि इजरायल के ये हमले मौजूदा संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन कर रहे हैं। ईरान के अनुसार इन हमलों से शांति वार्ता को नुकसान पहुंचेगा। लेबनान सरकार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर इन हमलों को रोकने की कोशिश में जुटी है ताकि शांति स्थापित हो सके।