लेबनान में हालात बहुत खराब होते जा रहे हैं और अब वहां भुखमरी का खतरा मंडरा रहा है। World Food Programme (WFP) ने चेतावनी दी है कि युद्ध की वजह से वहां का फूड सिस्टम पूरी तरह बर्बाद हो सकता है। आम लोगों के लिए अब बुनियादी खाने की चीजें खरीदना भी मुश्किल हो गया है।
लेबनान में खाने-पीने की चीजों के दाम क्यों बढ़े
World Food Programme की Lebanon कंट्री डायरेक्टर Allison Oman ने बताया कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। सिर्फ एक महीने के अंदर सब्जियों के दाम 20% और ब्रेड की कीमत 17% तक बढ़ गई है। युद्ध की वजह से लोगों की कमाई बंद हो गई है और विस्थापन बढ़ गया है, जिससे खाने की मांग ज्यादा हो गई है।
लेबनान के सरकारी मंत्रालय का कहना है कि देश में 3 से 4 महीने का राशन मौजूद है और पोर्ट्स पर सप्लाई सामान्य है, लेकिन जमीनी हालात इससे अलग हैं।
संकट की स्थिति और WFP की मदद
युद्ध शुरू होने से पहले ही लेबनान में करीब 9 लाख लोग खाने की कमी से जूझ रहे थे। अब यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। WFP ने अब तक 4 लाख 40 हजार से ज्यादा लोगों की मदद की है और करीब 20 लाख मील बांट चुके हैं।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| विस्थापित लोग | 10 लाख से ज्यादा |
| सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी | 20% से ज्यादा |
| ब्रेड के दाम में बढ़ोतरी | 17% |
| WFP द्वारा मदद पाए लोग | 4.4 लाख से ज्यादा |
| कुल बांटी गई मील | 20 लाख |
दक्षिणी लेबनान के बाजारों का हाल
लेबनान के दक्षिणी इलाकों में हालत और भी ज्यादा खराब है। यहां के 80% से ज्यादा बाजार बंद हो चुके हैं। कई दुकानदारों के पास अब एक हफ्ते से ज्यादा का राशन भी नहीं बचा है।
ईंधन और खाद की बढ़ती कीमतों ने खेती के काम को भी रोक दिया है। दक्षिण के दूरदराज इलाकों में मदद पहुंचाना भी मुश्किल हो रहा है, हालांकि WFP की टीमें कोशिश कर रही हैं।
