लेबनान में हालात एक बार फिर बिगड़ते दिख रहे हैं। हिजबुल्लाह ने इजराइल के साथ सीधी बातचीत करने से साफ मना कर दिया है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर तकरार जारी है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

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लेबनान में शांति की कोशिशें क्यों नाकाम रहीं?

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने हिजबुल्लाह की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि शांति वार्ता को ठुकराना देश के साथ गद्दारी जैसा है। उनका मानना है कि सीधी बातचीत से ही इजराइली हमलों को रोका जा सकता है और सैनिकों की वापसी संभव है। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह नेता Naim Qassem ने इजराइल के साथ सीधी बातचीत को एक बड़ा पाप बताया है और इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है। हिजबुल्लाह का कहना है कि जब तक इजराइल युद्धविराम का उल्लंघन करेगा, वे अपने हमले बंद नहीं करेंगे।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या है विवाद?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के नए प्रस्ताव पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई बात नहीं की है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने बताया कि ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा तो हो रही है, लेकिन परमाणु मुद्दे पर राष्ट्रपति की शर्तें साफ हैं। इधर ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Reza Talaei-Nik ने कहा कि अमेरिका अब स्वतंत्र देशों को अपनी नीतियां नहीं थोप सकता।

मैदान में क्या स्थिति है और कितने लोग प्रभावित हुए?

  • इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के 16 गांवों को खाली करने का आदेश दिया है क्योंकि वहां हिजबुल्लाह द्वारा युद्धविराम तोड़ा गया है।
  • हिजबुल्लाह अब इजराइली सेना पर हमले के लिए FPV ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।
  • मार्च 2, 2026 से अब तक 2,500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 10 लाख से ज्यादा लेबनानी लोग बेघर हो गए हैं।
  • युद्धविराम शुरू होने के बाद भी अब तक कम से कम 40 लोग मारे गए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान में युद्धविराम की क्या स्थिति है?

इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच अस्थायी युद्धविराम जारी है, लेकिन दोनों तरफ से उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के 16 इलाकों को खाली करने का आदेश दिया है।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किस बात पर अटकी है?

मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। राष्ट्रपति Donald Trump का मानना है कि ईरान का ताजा प्रस्ताव परमाणु मुद्दे को हल नहीं करता, इसलिए वे इससे संतुष्ट नहीं हैं।