Lebanon के Beirut और अन्य इलाकों में इसराइल के हवाई हमलों के बाद वहां के अस्पतालों की हालत बहुत खराब हो गई है। WHO ने चेतावनी दी है कि हफ़्तों तक चलने वाली जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक सिर्फ 24 घंटे में खत्म हो गया। बड़ी संख्या में घायलों के पहुँचने से अस्पताल पूरी तरह भर चुके हैं और वहां इलाज के लिए सामान की भारी कमी हो गई है।

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हमलों का असर और घायलों की संख्या क्या है?

8 अप्रैल 2026 को इसराइल ने लेबनान के कई इलाकों में बड़े हमले किए। इनमें Beirut के घनी आबादी वाले इलाके भी शामिल थे। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई और 1,000 से ज्यादा लोग घायल हुए। WHO ने इसे मौजूदा हिंसा के सबसे घातक दिनों में से एक बताया। इसराइल ने मात्र 10 मिनट के भीतर लगभग 100 जगहों को निशाना बनाया था।

मेडिकल सप्लाई की कमी और WHO की चेतावनी

WHO के प्रतिनिधि Dr. Abdinasir Abubakar ने बताया कि अस्पतालों में ट्रॉमा किट और जरूरी दवाइयां तेजी से खत्म हो रही हैं। जो सामान तीन हफ्ते चलना था, वह एक ही दिन में खत्म हो गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक बार फिर बड़ी संख्या में लोग घायल हुए, तो यह एक बड़ी आपदा बन जाएगी। इसके अलावा, सप्लाई चेन टूटने की वजह से पुरानी बीमारियों की दवाओं की भी कमी होने वाली है।

एम्बुलेंस पर हमला और अस्पतालों की मौजूदा स्थिति

UN की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ने चेतावनी दी है कि एम्बुलेंस पर हमले किए जाएंगे। WHO ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्वास्थ्य कर्मियों और अस्पतालों को सुरक्षा मिलनी चाहिए। Beirut के Rafik Hariri और Al Zahara अस्पताल पूरी तरह भर चुके हैं, इसलिए मरीजों को वहां से हटाना मुमकिन नहीं है। Lebanese Red Cross ने इसे एक गंभीर मानवीय संकट बताया है क्योंकि बमबारी के कारण एम्बुलेंस टीमों को काम करने में बड़ी मुश्किल आ रही है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.