लेबनान में पिछले कुछ हफ्तों से चल रही जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने 27 मार्च 2026 को चेतावनी दी है कि देश में एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है। इज़राइल के लगातार हवाई हमलों और ज़मीनी कार्रवाई की वजह से अब तक 10 लाख से ज़्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। यह संख्या लेबनान की कुल आबादी का लगभग पांचवां हिस्सा है जो अब बेघर हो चुकी है।

लेबनान में अभी क्या हालात हैं?

इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच चल रही यह जंग 2 मार्च 2026 से लगातार बढ़ती जा रही है। UNHCR की प्रतिनिधि Karolina Lindholm Billing ने बताया कि स्थिति बहुत ही चिंताजनक है और मानवीय तबाही का खतरा अब हकीकत बन चुका है। लेबनान पहले से ही कई संकटों से जूझ रहा था और अब इस बड़े पैमाने पर हुए विस्थापन ने परिवारों और सरकारी सेवाओं पर भारी दबाव डाल दिया है।

  • दक्षिण लेबनान और बेका घाटी से लोग भागकर उत्तर की तरफ जा रहे हैं।
  • कई अहम पुल टूट जाने की वजह से दक्षिण के 1.5 लाख लोग पूरी तरह कट गए हैं।
  • मानवीय मदद पहुंचाने वाले रास्तों में भारी रुकावटें आ रही हैं।
  • बेरूत जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में भी हवाई हमले किए जा रहे हैं।

जंग का आम जनता और बच्चों पर क्या असर पड़ा है?

UNICEF के अनुसार इस युद्ध में बच्चों को सबसे ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। संगठन का कहना है कि अब लेबनान में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं बची है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हमलों में अब तक 1,116 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जिनमें 121 बच्चे भी शामिल हैं। विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए शेल्टर अपनी क्षमता से कहीं ज़्यादा भर चुके हैं जिससे वहां रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा की समस्याएं पैदा हो रही हैं।

विवरण मुख्य आंकड़े
कुल विस्थापित लोग 10 लाख से अधिक
विस्थापित बच्चों की संख्या 3.7 लाख से अधिक
सामूहिक शेल्टर (स्कूल) 660
शेल्टर में रह रहे लोग 1.36 लाख से अधिक
ताज़ा हमलों में मौतें 1,116 लोग

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नागरिकों को विस्थापित करने के लिए बमबारी करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। लेबनान की सरकार ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि युद्ध और शांति के फैसले केवल देश की सरकार के पास होने चाहिए। फिलहाल सीमावर्ती इलाकों में इज़राइली सेना और हिज़्बुल्लाह के बीच ज़मीनी लड़ाई जारी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.