लेबनान में इजराइल की एयरस्ट्राइक, गांव खाली करने की चेतावनी के बाद हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बोला हमला.

लेबनान में एक बार फिर से तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को पूरी तरह से निशाना बनाते हुए एक बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हमले से ठीक पहले इजराइल की तरफ से दक्षिणी लेबनान के मंसूरी गांव के सभी स्थानीय निवासियों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की गई थी जिसमें उन्हें तुरंत वह क्षेत्र खाली करने के लिए कहा गया था। इस पूरी घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग काफी ज्यादा डरे हुए हैं कि आने वाले दिनों में हालात और कितने खराब हो सकते हैं।
इजराइल का आधिकारिक बयान और कारण
इजराइली सेना की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी करके यह बताया गया है कि मंसूरी क्षेत्र में लगातार हिजबुल्लाह की तरफ से गतिविधियां बढ़ रही थीं और इसी के खिलाफ यह लक्षित अभियान चलाया जा रहा है। सेना का साफ तौर पर यह कहना था कि यह पूरी कार्रवाई हिजबुल्लाह की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का लगातार उल्लंघन करने के जवाब में की गई है ताकि किसी भी बड़े खतरे को समय रहते रोका जा सके। स्थानीय लोगों से अपील की गई थी कि वे अपनी जान बचाने के लिए तुरंत सुरक्षित स्थानों की तरफ चले जाएं। पिछले एक महीने के भीतर लेबनान के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जारी की गई यह पहली इस तरह की सार्वजनिक निकासी चेतावनी बताई जा रही है जिससे इसकी गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी और बफर जोन का मुद्दा
स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इसी साल जून के अंत में भी इजराइल ने मंसूरी गांव में पर्चे गिराकर लोगों को अपना इलाका छोड़ने के लिए कहा था। उस वक्त इजराइल ने इस पूरे क्षेत्र को अपनी घोषित सुरक्षा यानी बफर जोन का अहम हिस्सा बताया था। इसके बावजूद कुछ स्थानीय किसान और आम लोग अपनी रोजी-रोटी के चक्कर में आसपास के इलाकों में खेती करने और अपने घरों तक आते-जाते रहे थे। लेकिन अब ताजा हालात के बाद वहां रहना और भी ज्यादा खतरनाक हो गया है क्योंकि सैन्य कार्रवाई सीधे तौर पर शुरू हो चुकी है।
रोम बैठक के तुरंत बाद भड़की हिंसा
यह पूरी सैन्य कार्रवाई ऐसे समय पर सामने आई है जब इसके ठीक एक दिन पहले ही इटली की राजधानी रोम में अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान के प्रतिनिधियों के बीच एक अहम सुरक्षा संबंधी वार्ता हुई थी। दोनों देशों ने पिछले महीने यानी 26 जून को सीमा क्षेत्र में तनाव को कम करने के उद्देश्य से एक सुरक्षा व्यवस्था पर आपसी सहमति भी जताई थी। इस शांति वार्ता के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि शायद हालात सुधर जाएंगे लेकिन ताजा हमलों ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी सुरक्षा पट्टी
एक तरफ जहां लेबनान में इस नई सैन्य कार्रवाई की वजह से क्षेत्र में तनाव एक बार फिर से खतरनाक स्तर पर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इजराइल ने यह साफ कर दिया है कि वह दक्षिणी लेबनान में अपनी सुरक्षा पट्टी यानी बफर जोन को पूरी तरह से बनाए रखेगा। इजराइल का ऐसा मानना है कि हिजबुल्लाह से उत्पन्न होने वाले किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। लेबनान के लोगों के लिए यह स्थिति बहुत ही मुश्किल भरी साबित हो रही है क्योंकि वे लगातार युद्ध और हमलों के साये में जीने को मजबूर हैं।