इसराइल ने 8 अप्रैल को लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए जिसमें चंद मिनटों के अंदर 350 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई। लेबनान ने इस खौफनाक दिन को ‘ब्लैक वेडनेसडे’ का नाम दिया है। इस हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है और संयुक्त राष्ट्र ने इसे एक भयानक त्रासदी बताया है।

हमलों में कितना नुकसान हुआ और क्या हैं ताज़ा आंकड़े

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 8 अप्रैल को हुए हमलों में 357 लोग मारे गए और 1,223 लोग घायल हुए। यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि कई लोग मलबे में दबे हुए हैं। वहीं 2 मार्च से अब तक हुए हमलों में कुल मौतों की संख्या 2,020 तक पहुँच गई है।

विवरण आंकड़े (कुल मौतें)
कुल मृतक (2 मार्च से) 2,020
महिलाएं 248
बच्चे 165
मेडिकल स्टाफ 85
8 अप्रैल की मौतें 357

इसराइल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने क्या कहा

इसराइल की सेना यानी IDF ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन इटरनल डार्कनेस’ का नाम दिया। उनका कहना है कि उन्होंने Hezbollah के ठिकानों और खुफिया केंद्रों को निशाना बनाया और करीब 180 आतंकियों को मारा। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इसे भयानक कत्लेआम बताया है। Human Rights Watch ने इसराइल पर युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है क्योंकि हमलों में एक ज़रूरी पुल भी टूट गया जिससे मदद पहुँचाना मुश्किल हो गया है।

शांति वार्ता और अमेरिका का क्या स्टैंड है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल को ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान किया था लेकिन 8 अप्रैल को साफ कर दिया कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है। अब अगले हफ्ते वाशिंगटन में इसराइल और लेबनान के बीच शांति बातचीत होनी तय हुई है। हालांकि इसराइल ने पहले ही कह दिया है कि वह Hezbollah के साथ युद्धविराम पर कोई चर्चा नहीं करेगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com