लेबनान में इसराइली हमलों ने भारी तबाही मचाई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने ताजा आंकड़े जारी करते हुए बताया कि मार्च से अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और बड़ी संख्या में घायल हुए हैं। यह स्थिति वहां के आम लोगों और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गई है।
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के मुताबिक, 2 मार्च 2026 से अब तक हुए हमलों में 3,783 लोग मारे गए हैं। वहीं, रविवार 14 जून तक कुल 11,699 लोग घायल हो चुके हैं। मंत्रालय ने इन आंकड़ों की पुष्टि की है और चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्पेशल टास्कफोर्स तैनात की है।
ताजा हमले और हताहत
रविवार 14 जून को बेरूत में एक बड़ा हमला हुआ, जिसमें हिज़बुल्लाह के कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। इस हमले में हिज़बुल्लाह कमांडर अली अल-हज समेत तीन लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हुए। इसके अलावा, दक्षिण लेबनान के अल-हौश इलाके में ड्रोन हमले में दो लोगों की जान गई और अन्य इलाकों में भी चार लोग मारे गए।
अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
लगातार हो रहे हमलों का सबसे बुरा असर वहां के अस्पतालों पर पड़ा है। 27 मार्च तक की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्रों पर 79 हमले हुए हैं, जिनमें 42 लोगों की मौत और 119 लोग घायल हुए। इन हमलों की वजह से चार अस्पताल पूरी तरह बंद करने पड़े हैं, जिससे मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो गया है।
दुनिया की प्रतिक्रिया और तनाव
इस हिंसा के बाद अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ गया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने चेतावनी दी है कि बेरूत हमले का जवाब जल्द दिया जाएगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले पर दुख जताया और कहा कि शांति समझौते की कोशिशों के बीच ऐसा नहीं होना चाहिए था। हालांकि, वाशिंगटन में बातचीत के बाद युद्धविराम की कोशिशें हुईं, लेकिन हिज़बुल्लाह ने जून में हुए नए समझौते को खारिज कर दिया है।