लेबनान में इसराइल ने बहुत बड़ा हमला किया है जिसमें 303 लोगों की जान चली गई और 1,150 लोग घायल हुए। महज 10 मिनट के अंदर देश भर में 100 से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया गया। अब बेरुत के अस्पतालों में हालात बहुत खराब हैं और जरूरी दवाइयां तेजी से खत्म हो रही हैं। लेबनान ने इस हादसे के बाद 9 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है।

अस्पतालों में दवाओं की कमी और WHO की चेतावनी

WHO के प्रतिनिधि Dr. Abdinasir Abubaka ने बताया कि अस्पतालों में पट्टी, एंटीबायोटिक्स और एनेस्थेटिक्स जैसे जरूरी सामान की भारी कमी हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह लाइफ सेविंग सामान कुछ ही दिनों में पूरी तरह खत्म हो सकता है। Abubaka के मुताबिक, तीन हफ्ते का सामान एक ही दिन में खत्म हो गया क्योंकि बड़ी संख्या में आम लोग घायल हुए थे। अगर अब और लोग घायल होते हैं, तो दवाओं की कमी से और ज्यादा मौतें हो सकती हैं।

हमले पर क्या बोले बड़े नेता और अधिकारी

लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने कहा कि इसराइल ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया और कई मासूमों की जान ली। वहीं इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz का दावा है कि उन्होंने 200 आतंकवादियों और हिजबुल्लाह के ठिकानों को तबाह किया है। इसराइल के पीएम Benjamin Netanyahu ने कहा कि वे हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने और शांति संबंध बनाने के लिए जल्द बातचीत शुरू करना चाहते हैं। Human Rights Watch के मुताबिक, 2 मार्च 2026 से अब तक 57 मेडिकल वर्कर्स की मौत हो चुकी है।

हमले का पूरा ब्यौरा और नुकसान

विवरण जानकारी
कुल मौतें 303
कुल घायल 1,150
हमले का समय 10 मिनट
निशाना बनाए गए टारगेट 100 से ज्यादा
शोक दिवस की तारीख 9 अप्रैल 2026