लेबनान में इसराइल के हमलों ने भारी तबाही मचाई है। एक पिता अपनी 4 साल की बेटी मिला और उसकी मां को खोने का गम मना रहा है, जिनकी मौत इसराइली हमले में हुई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक करीब 2,500 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 170 से ज्यादा मासूम बच्चे शामिल हैं।
लेबनान में अब तक कितने लोग मारे गए और क्या है नुकसान
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आधिकारिक आंकड़ों में बताया कि 2 मार्च 2026 से अब तक इसराइली हमलों में 2,509 लोग मारे गए हैं और 7,755 लोग घायल हुए हैं। इस हिंसा का असर आम जनता पर बहुत बुरा पड़ा है।
- बच्चों और मेडिकल कर्मियों की मौत: मारे गए लोगों में 170 से अधिक बच्चे और 100 से ज्यादा मेडिकल स्टाफ शामिल हैं।
- विस्थापन: लेबनान की करीब 22 प्रतिशत आबादी, यानी 12 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़कर भाग चुके हैं।
- हालिया हमले: 27 अप्रैल 2026 को हुए हमलों में 14 लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे और दो महिलाएं थीं।
क्या युद्ध विराम और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन हुआ
अमेरिका की मध्यस्थता में 16 अप्रैल 2026 को एक युद्ध विराम समझौता हुआ था, जिसे मई के मध्य तक बढ़ाया गया। लेकिन जमीनी हकीकत अलग रही और दोनों तरफ से हमले जारी रहे।
संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव ने बच्चों और नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करने को कहा। वहीं, UNIFIL ने रिपोर्ट दी कि केवल 26 अप्रैल को इसराइल की तरफ से 299 फायरिंग की घटनाएं दर्ज की गईं। मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि लेबनान में नागरिकों के खिलाफ सामूहिक सजा जैसे तरीके अपनाए जा रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या आंकड़े दिए हैं
मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च 2026 से अब तक कुल 2,509 लोग मारे गए और 7,755 घायल हुए हैं। इसमें 170 से ज्यादा बच्चे और 100 मेडिकल कर्मी शामिल हैं।
क्या लेबनान और इसराइल के बीच युद्ध विराम लागू है
अमेरिका की मदद से 16 अप्रैल 2026 को युद्ध विराम शुरू हुआ था जिसे मई के मध्य तक बढ़ाया गया। हालांकि, दोनों तरफ से हमलों के कारण यह पूरी तरह सफल नहीं रहा है।