लेबनान में इसराइल के हमलों ने भारी तबाही मचाई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक 2 मार्च से अब तक 2,294 लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका की कोशिशों से 16 अप्रैल को 10 दिनों का युद्धविराम लागू हुआ, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और लोग डरे हुए हैं।

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लेबनान में कितने लोग मारे गए और कितने हुए बेघर?

इस युद्ध में जान-माल का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। अलग-अलग संस्थाओं ने मरने वालों और घायल हुए लोगों के आंकड़े जारी किए हैं। लाखों लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश में भटक रहे हैं।

विवरण आंकड़े
कुल मौतें (Al Jazeera) 2,294
कुल मौतें (NRC/DRM) 2,196
घायल लोग 7,185
बेघर हुए लोग 10 लाख से ज्यादा
युद्ध शुरू होने की तारीख 2 मार्च 2026
युद्धविराम की तारीख 16 अप्रैल 2026

युद्धविराम का क्या हाल है और क्या हमले अब भी जारी हैं?

अमेरिका ने बीच-बचाव कर 16 अप्रैल को शाम 5 बजे से 10 दिनों का युद्धविराम तय किया था। लेकिन लेबनान की सेना ने शिकायत की है कि इसराइल अब भी नियमों को तोड़ रहा है। कई गांवों में तोपखाने से गोलाबारी की खबरें आई हैं। वहीं अमेरिका का कहना है कि इस समझौते के बाद भी इसराइल और अमेरिका को हिजबुल्ला पर हमला करने का हक है।

वहां के लोगों की हालत कैसी है और क्या मदद मिल रही है?

मेडिसिन सैन्स फ्रंटियर्स (MSF) ने बताया कि लेबनान में मेडिकल सुविधाओं की बहुत कमी है और घायलों की संख्या बहुत ज्यादा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इस बड़े पैमाने पर हुई हत्याओं और तबाही की कड़ी निंदा की है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी चेतावनी दी है कि इसराइली सेना द्वारा आम नागरिकों को निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।

बेघर हुए लोग अभी भी अपने घरों को लौटने से डर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक यह युद्धविराम पूरी तरह पक्का नहीं हो जाता, तब तक घर जाना खतरे से खाली नहीं है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.