लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने Israel के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पूर्व राजदूत Simon Karam को बातचीत के लिए आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का प्रमुख नियुक्त किया है। राष्ट्रपति Aoun का कहना है कि देश को अब युद्ध या स्थिरता में से किसी एक को चुनना होगा और उन्होंने स्थिरता का रास्ता चुना है ताकि लेबनान को बचाया जा सके।

बातचीत के मुख्य लक्ष्य क्या हैं?

लेबनान के इस मिशन का मुख्य मकसद Israel के कब्जे को खत्म करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं को सुरक्षित करना है। साथ ही, दोनों देशों के बीच सभी तरह की दुश्मनी को पूरी तरह से रोकना और कैदियों को वापस लाना भी इस बातचीत का अहम हिस्सा है। President Aoun ने साफ किया है कि सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल लेबनानी सेना की होगी।

मौजूदा स्थिति और अहम जानकारियां

विवरण जानकारी
नियुक्ति की तारीख 20 अप्रैल 2026
प्रतिनिधिमंडल प्रमुख Simon Karam (पूर्व अमेरिकी राजदूत)
सीजफायर की तारीख 16 अप्रैल 2026 (Donald Trump द्वारा घोषित)
मुख्य उद्देश्य कब्जा खत्म करना और सीमा सुरक्षित करना
Israel का रुख रक्षा मंत्री Israel Katz ने पीछे हटने से इनकार किया
सुरक्षा स्थिति दक्षिण लेबनान में तनाव बरकरार है
सीजफायर की अवधि 10 दिन का समय तय किया गया

अमेरिका और अन्य देशों का क्या रोल है?

यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीति से पूरी तरह अलग रखी गई है। US राष्ट्रपति Donald Trump ने 10 दिनों के सीजफायर को लागू करवाने में मदद की है। हालांकि, जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं और Israeli सेना ने दक्षिण लेबनान के लोगों को लिटानी नदी के पास न जाने की चेतावनी दी है क्योंकि वहां अभी भी Hezbollah की गतिविधियां जारी हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com