लेबनान और इजरायल के बीच सीमा पर तनाव बहुत तेजी से बढ़ रहा है और हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति अभियानों के प्रमुख जीन-पियरे लैक्रोइक्स ने चेतावनी दी है कि ब्लू लाइन के पास हिंसा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। रोजाना हो रहे रॉकेट हमलों, हवाई हमलों और सैनिकों की बढ़ती हलचल ने पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना दिया है। इस टकराव में शांति सैनिकों और आम लोगों की जान भी जा रही है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चिंता जताई जा रही है।

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लेबनान और इजरायल सीमा पर क्या हो रहे हैं बदलाव?

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने 31 मार्च 2026 को घोषणा की है कि वे दक्षिणी लेबनान में लिटानी नदी तक एक सुरक्षा क्षेत्र बनाएंगे। इस योजना के तहत सीमावर्ती गांवों में घरों को गिराया जा रहा है और करीब 6 लाख लेबनानी नागरिकों को उनके घरों में वापस आने से रोका जा रहा है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सेना को बफर जोन बढ़ाने का आदेश दिया है। संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों पर भी लगातार हमले हो रहे हैं, जिन्हें UN ने पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।

युद्ध के मैदान से जुड़ी बड़ी बातें और ताजा आंकड़े

सीमा पर चल रही इस लड़ाई में दोनों तरफ से भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं। पिछले कुछ घंटों के मुख्य घटनाक्रम इस प्रकार हैं:

घटना विवरण
शांति सैनिकों का नुकसान इंडोनेशिया के 2 UN शांति सैनिकों की मौत हुई है।
इजरायली सैन्य हताहत दक्षिण लेबनान में लड़ाई के दौरान 4 इजरायली सैनिक मारे गए।
विस्थापन इजरायली आदेश के बाद 50 से ज्यादा गांवों से हजारों लोग घर छोड़ चुके हैं।
हिजबुल्लाह के हमले तेल अवीव के पास खुफिया बेस और इजरायली ठिकानों पर रॉकेट दागे गए।
लेबनानी फौज इजरायली हमले में एक लेबनानी सैनिक की भी मौत हुई है।

शांति के लिए क्या हो रहे हैं अंतरराष्ट्रीय प्रयास?

बढ़ते तनाव को देखते हुए फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। चीन और पाकिस्तान ने मिलकर एक पांच सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें तुरंत लड़ाई रोकने और बातचीत शुरू करने की अपील की गई है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि इजरायल के साथ चल रहे इस खूनी संघर्ष को रोका जा सके। संयुक्त राष्ट्र की विशेष समन्वयक जेनीन हेनिस-प्लास्चर्ट ने भी इस तबाही को रोकने के लिए तुरंत युद्धविराम की मांग की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com