अमेरिका के वाशिंगटन में हुई बातचीत के बाद इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत लेबनान की सेना ने देश के दक्षिणी हिस्से में बने पायलट जोन में तैनात होना शुरू कर दिया है। हालांकि, इस बड़े शांति प्रयास के बीच हिजबुल्लाह ने समझौते को मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया है और दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले अब भी जारी हैं जिसमें कुछ लोगों की जान गई है।

🗞️: Kuwait एयरपोर्ट पर ईरान का बड़ा ड्रोन हमला, भड़का अमेरिका और कुवैत, दो ईरानी राजनयिक देश से बाहर

लेबनान की सेना की तैनाती और वाशिंगटन समझौता क्या है?

वाशिंगटन में हुए समझौते के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने घोषणा की कि देश की सेना दक्षिणी हिस्से के पायलट जोन में तैनात होगी। सूचना मंत्री Paul Morcos द्वारा पढ़े गए एक बयान में प्रधानमंत्री ने इसे इजराइल की पूरी वापसी की दिशा में पहला व्यावहारिक कदम बताया है। लेबनान के सैनिक दक्षिणी कस्बे Dibbine में प्रवेश कर चुके हैं, जहां से इजराइली सेना पीछे हटी है। समझौते के तहत इन पायलट जोन पर केवल लेबनान की आधिकारिक सेना (LAF) का नियंत्रण होगा और वहां किसी भी अन्य हथियारबंद संगठन को रहने की अनुमति नहीं होगी। यह समझौता लिटानी नदी के दक्षिण से हिजबुल्लाह के हटने पर निर्भर करता है।

हिजबुल्लाह ने क्यों ठुकराया यह युद्धविराम समझौता और क्या है जमीनी हालात?

हिजबुल्लाह के प्रमुख Naim Qassem ने इस समझौते को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे अपमानजनक और बेतुका बताते हुए कहा कि जब तक लेबनान के गांव सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक उत्तरी इजराइल भी सुरक्षित नहीं रहेगा। हिजबुल्लाह ने मांग की है कि इजराइल को लेबनान से पूरी तरह बाहर जाना होगा। इस बीच, समझौते के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले जारी रहे, जिसमें एक संयुक्त राष्ट्र (UN) शांतिदूत समेत चार लोगों की मौत हो गई है। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इस समझौते को आखिरी मौका बताया है और कहा है कि इजराइल की पूरी वापसी पर कोई समझौता नहीं होगा।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अब तक का नुकसान

  • यूरोपीय संघ की मदद: यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने इस समझौते का स्वागत किया है और लेबनान की सेना की मदद के लिए 100 मिलियन यूरो देने का वादा किया है।
  • सरकार का बयान: लेबनान के प्रधानमंत्री ने यह स्वीकार किया कि उनकी सरकार ने हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने में बहुत ज्यादा देरी कर दी।
  • भारी नुकसान: मार्च 2026 से जारी इस संघर्ष में अब तक लेबनान में 3,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 12 लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं। वहीं इजराइल के भी 27 सैनिक और तीन नागरिक इस संघर्ष में मारे गए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में सेना की तैनाती का क्या उद्देश्य है?

यह वाशिंगटन समझौते का पहला चरण है, जिसके तहत पायलट जोन में केवल लेबनान की आधिकारिक सेना का नियंत्रण रहेगा और वहां से अन्य गैर-सरकारी हथियारबंद संगठनों को हटाया जाएगा।

हिजबुल्लाह ने इस समझौते पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने इस समझौते को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे अपमानजनक बताया है और इजराइल की पूरी वापसी तक लड़ाई जारी रखने की बात कही है।

इस संघर्ष में अब तक कुल कितना नुकसान हुआ है?

मार्च 2026 से अब तक लेबनान में 3,500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, जबकि इजराइल के 30 लोग मारे गए हैं।