Lebanon Crisis: युद्ध विराम के बाद घर लौटे लेबनान के लोग, इसराइल ने बॉर्डर पर दी सख्त चेतावनी, अब बातचीत से होगा फैसला.
लेबनान में हफ़्तों तक चले इसराइल के हमलों के बाद अब लोग अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं। लेकिन जब ये लोग वापस पहुंचे, तो वहां तबाही का मंजर देखकर दंग रह गए। इस बीच इसराइल ने बॉर्डर के पास जाने पर पाबंदी लगा दी है और लेबनान के राष्ट्रपति ने अब बातचीत का रास्ता चुना है।
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इसराइल ने क्या चेतावनी दी और क्या है प्लान?
इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 10 दिन के युद्ध विराम पर सहमति तो दी, लेकिन सेना को बॉर्डर के पास तैनात रखा है। इसराइल ने साफ कहा है कि लोग Litani नदी और बॉर्डर वाले इलाकों में न जाएं। Defense Minister Israel Katz ने बताया कि वो लेबनान में 10 से 12 किलोमीटर का एक बफर जोन बनाएंगे। इसराइल का कहना है कि जब तक सुरक्षा पुख्ता नहीं होगी, तब तक कुछ इलाकों के लोग अपने घरों को वापस नहीं लौट पाएंगे।
लेबनान सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इसराइल के साथ बातचीत करने का फैसला लिया है और इसके लिए पूर्व राजदूत Simon Karam को नियुक्त किया है। दूसरी तरफ UN और Human Rights Watch जैसी संस्थाओं ने इसराइल की बमबारी और लोगों को जबरदस्ती हटाने की निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध बताया है। UN ने यह भी चेतावनी दी है कि वापस लौटने वाले लोगों को बिना फटे बमों और अन्य खतरों का सामना करना पड़ सकता है।
युद्ध और ceasefire से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युद्ध विराम की शुरुआत | 18 अप्रैल 2026 |
| बफर जोन की गहराई | 10-12 किलोमीटर |
| बेरुत हमले में मौतें | 90 से ज्यादा (8 अप्रैल को) |
| UNIFIL हमला | 1 फ्रेंच शांतिदूत की मौत (19 अप्रैल) |
| बातचीत के लिए नियुक्त नेता | Simon Karam |
| मुख्य चेतावनी | Litani नदी और बॉर्डर क्षेत्र से दूर रहें |