लेबनान में इसराइल के साथ युद्ध के बीच 10 दिन का अस्थायी युद्धविराम लागू हो गया है। इसके बाद हजारों लोग अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं, लेकिन उनके लिए यह खुशी कम और दुख ज्यादा लेकर आया है। कई लोगों ने देखा कि उनके घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जिससे वहां भारी मायूसी छाई हुई है। सड़कों पर भीड़ है और लोग अपने उजड़े हुए आशियाने देखकर भावुक हो रहे हैं।

युद्धविराम की शर्तें और डोनाल्ड ट्रम्प की भूमिका क्या है?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस 10 दिन के युद्धविराम की मध्यस्थता की है। उन्होंने Hezbollah को शांति बनाए रखने को कहा और इसराइल को चेतावनी दी कि वह इस समझौते का उल्लंघन न करे। साथ ही, उन्होंने इसराइल के प्रधानमंत्री Netanyahu और लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun को शांति वार्ता के लिए व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है। ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते के बहुत करीब हैं।

लेबनान में मौजूदा स्थिति और खतरे क्या हैं?

संयुक्त राष्ट्र (UN) और OCHA ने चेतावनी दी है कि घर लौटने वाले लोगों के लिए खतरा अब भी बना हुआ है। कई इलाकों में बिना फटे बम और बारूद पड़े हैं, जिससे जान जाने का डर है। लेबनान सरकार के मुताबिक करीब 37,000 घर तबाह हो गए हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं। Hezbollah ने भी लोगों को जल्दबाजी में वापस न लौटने की सलाह दी है क्योंकि सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं है।

संस्था/व्यक्ति मुख्य बयान या स्थिति
Donald Trump 10 दिन का युद्धविराम कराया और शांति वार्ता के लिए बुलाया
Antonio Guterres युद्धविराम का स्वागत किया और लंबे समाधान की उम्मीद जताई
Israel Katz 6 मील का बफर जोन बनाए रखने और विसैन्यीकरण की बात कही
Hezbollah चेतावनी दी कि उनकी उंगली अभी भी ट्रिगर पर है
Joseph Aoun युद्धविराम को सीधी बातचीत के लिए शुरुआती रास्ता बताया
UN OCHA बिना फटे बमों और खराब बुनियादी ढांचे के प्रति आगाह किया
लेबनान सरकार 37,000 घरों के नष्ट होने और लाखों लोगों के विस्थापन की पुष्टि की
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.