अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल और लेबनान के बीच युद्ध विराम को तीन हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया है। यह फैसला व्हाइट हाउस में हुई दूसरी दौर की शांति बातचीत के बाद लिया गया। हालांकि, कागजों पर शांति के बावजूद जमीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं और हवाई हमले जारी हैं।

युद्ध विराम के नए नियम क्या हैं?

इस समझौते के तहत दोनों देशों को अपनी लड़ाई बंद रखनी होगी। अमेरिका ने साफ किया है कि लेबनान में केवल आधिकारिक सुरक्षा सेना को ही हथियार रखने की अनुमति होगी। इसराइल ने यह शर्त रखी है कि अगर उस पर कोई हमला हुआ, तो वह आत्मरक्षा में कार्रवाई करना जारी रखेगा। वहीं, लेबनान को हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों को हमले करने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

लेबनान में अभी क्या हालात हैं?

युद्ध विराम बढ़ने के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इसराइल के हवाई हमले और गोलाबारी 24 अप्रैल को भी जारी रही। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है। इसराइल ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह के तीन सदस्यों को खत्म किया, जबकि हिजबुल्लाह ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे। इस लड़ाई की वजह से करीब 12 लाख लेबनानी लोग बेघर हो चुके हैं और अभी भी अपने घरों को वापस नहीं लौट पाए हैं।

शांति लाने के लिए कौन कर रहा है कोशिश?

इस पूरी बातचीत में अमेरिका मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जे.डी. वेंस और मार्को रुबियो इस समझौते को सफल बनाने में जुटे रहे। ट्रंप ने जल्द ही इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन को व्हाइट हाउस बुलाने की इच्छा जताई है ताकि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।