लेबनान में हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। संसद स्पीकर Nabih Berri ने इसराइल के हमलों के बाद सीधा सवाल पूछा है कि आखिर सीज़फ़ायर गया कहाँ। इसराइल और Hezbollah के बीच जारी खींचतान ने आम लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है और क्षेत्र में शांति की उम्मीदें कम होती दिख रही हैं।
लेबनान में सीज़फ़ायर के बाद भी क्यों हो रहे हैं हमले?
1 मई 2026 को लेबनान के संसद स्पीकर Nabih Berri ने सीज़फ़ायर की सच्चाई पर सवाल उठाए। इस दौरान दक्षिण लेबनान में इसराइल के हमलों में कम से कम 17 से 30 लोगों की मौत हुई। Amnesty International ने रिपोर्ट दी कि इसराइल की सेना ने कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है और वहां के घरों और नागरिक ढांचों को तबाह किया है। इस हिंसा की वजह से लेबनान की करीब एक-पांच आबादी यानी 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं।
Hezbollah और इसराइल के बीच ताजा भिड़ंत में क्या हुआ?
Hezbollah ने इसराइल के सैनिकों पर ड्रोन हमला किया जिससे कुछ सैनिक घायल हुए। इसके अलावा Al-Bayyada में इसराइली सैन्य वाहनों को भी निशाना बनाया गया। जवाब में इसराइल ने “Yellow Line” के उत्तर में स्थित गांवों के लिए नए जबरन खाली करने के आदेश जारी किए। इसराइल ने साफ किया कि जब तक Hezbollah का खतरा खत्म नहीं होता, वह दक्षिण लेबनान के बफर जोन पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा।
अमेरिका और ईरान ने इस स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अमेरिका ने इस विवाद को सुलझाने के लिए 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का सीज़फ़ायर कराया था, जिसे राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 अप्रैल को तीन हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया था। US एम्बेसडर Michel Issa ने राष्ट्रपति Joseph Aoun से मुलाकात की ताकि शांति वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने Nabih Berri से फोन पर बात की और इसराइल की “आक्रामक” कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान और इसराइल के बीच सीज़फ़ायर कब लागू हुआ था?
अमेरिका की मध्यस्थता में 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का सीज़फ़ायर शुरू हुआ था, जिसे बाद में 23 अप्रैल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीन हफ्ते के लिए बढ़ा दिया था।
लेबनान में कितने लोग विस्थापित हुए हैं?
इसराइल के हमलों की वजह से लेबनान की लगभग एक-पांच आबादी, यानी 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं।