लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इसराइल के साथ युद्ध रोकने के लिए सीजफायर को सबसे जरूरी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी बातचीत की शुरुआत तभी हो सकती है जब गोलीबारी रुके। इस पूरे मामले में अमेरिका भी बीच-बचाव कर रहा है ताकि इलाके में शांति बनी रहे और नुकसान कम हो।

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सीजफायर और बातचीत को लेकर अब तक क्या हुआ?

राष्ट्रपति Joseph Aoun ने 16 अप्रैल 2026 को कहा था कि इसराइल के साथ सीजफायर ही सीधी बातचीत शुरू करने का सही रास्ता है। इसके बाद 17 अप्रैल को दोनों देशों के बीच 10 दिन का सीजफायर लागू हुआ। राष्ट्रपति ने बताया कि बातचीत अब एक बहुत ही नाजुक और अहम मोड़ पर पहुंच गई है। 18 अप्रैल को उन्होंने यह बात कही कि इस अस्थायी सीजफायर को अब एक स्थायी समझौते में बदला जाना चाहिए।

लेबनान की मुख्य मांगें और अमेरिका की भूमिका क्या है?

  • मुख्य शर्तें: लेबनान चाहता है कि इसराइल अपनी सेना को पूरी तरह वापस ले, पकड़े गए लोगों की रिहाई हो और युद्ध से तबाह हुए इलाकों को फिर से बनाया जाए।
  • सेना की तैनाती: बातचीत में यह भी शामिल है कि लेबनानी सेना को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात किया जाए।
  • अमेरिकी मदद: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और Secretary of State Marco Rubio इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं।
  • राजनयिक प्रयास: लेबनान की राजदूत Nada Moawad ने अमेरिका में मांग की है कि इसराइल आम नागरिकों, घरों और पत्रकारों पर हमले बंद करे।

पत्रकारों पर हमले और युद्ध अपराधों का आरोप क्यों लगा?

26 अप्रैल 2026 को लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकार Amal Khalil की मौत और बचाव कार्य में रुकावट पैदा करना युद्ध अपराध के समान है। राष्ट्रपति Joseph Aoun ने भी इस बात की निंदा की और कहा कि इसराइल जानबूझकर मीडिया प्रोफेशनल्स को निशाना बना रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.