लेबनान और इसराइल के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। लेबनान ने साफ कह दिया है कि जब तक इसराइल अपने हमले नहीं रोकता, तब तक सीजफायर के लिए कोई बात नहीं होगी। इस बीच आम लोगों की जान जा रही है और बेरूत में डर का माहौल है। अमेरिका अब दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है।

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सीजफायर के लिए क्या है लेबनान की शर्त?

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा है कि बातचीत शुरू करने के लिए हमलों का तुरंत रुकना जरूरी है। अमेरिका की मदद से अगले मंगलवार यानी 15 अप्रैल 2026 को वाशिंगटन में एक शुरुआती बैठक होगी। इस बैठक के लिए लेबनान और इसराइल के राजदूतों ने सहमति जताई है। लेबनान अपनी जमीन और संप्रभुता की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

इसराइल और हिजबुल्लाह का इस पर क्या स्टैंड है?

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि जब तक हिजबुल्लाह निशस्त्र नहीं होता और सुरक्षा बहाल नहीं होती, तब तक सीजफायर नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द बातचीत शुरू करने का आदेश दिया है। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने सीधे बातचीत का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि पहले इसराइली सेना को लेबनान की जमीन छोड़नी होगी, उसके बाद ही कोई राजनीतिक चर्चा हो सकेगी।

हाल के हमलों और अंतरराष्ट्रीय दबाव का क्या असर हुआ?

पिछले 24 घंटों में इसराइल ने हिजबुल्लाह के 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 10 लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन इमरजेंसी वर्कर्स भी शामिल हैं। ईरान ने भी अपनी शर्त रखी है कि जब तक लेबनान में सीजफायर नहीं होता और उसके फंसे हुए पैसे नहीं मिलते, वह अमेरिका के साथ आगे की बातचीत नहीं करेगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.