लेबनान और इज़राइल के बीच 10 दिनों का युद्धविराम, डोनाल्ड ट्रंप ने कराया समझौता, 34 साल बाद हुई सीधी बात
लेबनान और इज़राइल के बीच लंबे समय से चल रही जंग के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दोनों देशों के बीच 10 दिनों के युद्धविराम का ऐलान किया है। यह घटना इसलिए अहम है क्योंकि करीब 34 साल बाद दोनों देशों के बड़े नेताओं ने सीधी बातचीत की है। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इस बातचीत को बहुत संवेदनशील और जरूरी बताया है ताकि देश में शांति लौट सके।
लेबनान और इज़राइल के बीच क्या समझौता हुआ है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की मध्यस्थता से दोनों देशों ने 10 दिनों के लिए युद्धविराम पर सहमति जताई है। इस समझौते का मुख्य मकसद हिंसा को रोकना और बातचीत का रास्ता खोलना है। लेबनान की सरकार चाहती है कि इज़राइली सेना उसके दक्षिणी इलाकों से पूरी तरह वापस चली जाए और बंदियों को रिहा किया जाए। वहीं दूसरी ओर, इज़राइल अपनी सीमा की सुरक्षा को लेकर सख्त है और हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण की मांग कर रहा है।
पिछले कुछ दिनों के बड़े घटनाक्रम क्या रहे?
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 14 अप्रैल 2026 | वाशिंगटन डी.सी. में इज़राइली और लेबनानी राजदूतों के बीच सीधी बातचीत शुरू हुई। |
| 15 अप्रैल 2026 | 10 देशों ने लेबनान में सहायता कर्मियों और शांति सैनिकों पर हमलों की निंदा की। |
| 16 अप्रैल 2026 | डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान और इज़राइल के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की। |
| 17 अप्रैल 2026 | यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम का स्वागत किया और कानून पालन का आग्रह किया। |
आगे की योजना और चुनौतियां क्या हैं?
राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा कि इज़राइली सेना के वापस जाने के बाद लेबनानी सेना की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। सेना दक्षिणी सीमा तक तैनात की जाएगी ताकि सशस्त्र समूहों की मौजूदगी खत्म हो सके और लोग सुरक्षित अपने घर लौट सकें। हालांकि, इस शांति प्रक्रिया में कुछ मुश्किलें भी हैं। हिजबुल्लाह ने इस बातचीत पर आपत्ति जताई है क्योंकि इसमें उनकी भागीदारी नहीं थी। साथ ही, UNIFIL ने आरोप लगाया है कि इज़राइली सैनिकों ने उनके वाहनों को टक्कर मारी और उनके काम में बाधा डाली है।