Lebanon और Israel के बीच हुआ सीजफायर, UAE ने किया स्वागत, डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की हुई तारीफ
लेबनान और इज़राइल के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब राहत की खबर आई है। दोनों देशों के बीच 10 दिनों का संघर्ष विराम यानी सीजफायर तय हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। इस पूरे समझौते को करवाने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका काफी अहम रही है।
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सीजफायर समझौता क्या है और कब से लागू हुआ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 अप्रैल 2026 को लेबनान और इज़राइल के बीच 10 दिवसीय संघर्ष विराम की घोषणा की। यह समझौता 17 अप्रैल 2026 की आधी रात से प्रभावी हो गया। इस कदम का मुख्य मकसद इज़राइल और हिजबुल्ला के बीच पिछले एक महीने से चल रही भीषण लड़ाई को रोकना है, जिसमें अब तक 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी थी।
UAE ने इस समझौते पर क्या प्रतिक्रिया दी
UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस संघर्ष विराम का स्वागत किया। यूएई ने राष्ट्रपति ट्रंप के राजनयिक प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में तनाव कम होगा। यूएई ने लेबनान की एकता और संप्रभुता का समर्थन किया है। साथ ही यह भी कहा कि लेबनान में हथियारों का नियंत्रण केवल सरकार के हाथों में होना चाहिए और आतंकवादी संगठनों को खत्म करना जरूरी है।
समझौते से जुड़ी मुख्य जानकारी और शामिल पक्ष
इस शांति प्रक्रिया में कई देशों और संस्थाओं ने हिस्सा लिया है। नीचे दी गई टेबल में पूरी जानकारी दी गई है:
| विवरण | शामिल नाम/संस्था |
|---|---|
| मुख्य मध्यस्थ | अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप और मार्को रुबियो) |
| लेबनान की तरफ से | राष्ट्रपति जोसेफ औन |
| इज़राइल की तरफ से | प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू |
| समर्थन करने वाले देश | UAE, मिस्र, जॉर्डन, कतर |
| अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं | संयुक्त राष्ट्र और अरब लीग |
| अन्य प्रभावित पक्ष | हिजबुल्ला और ईरान |
| मुख्य लक्ष्य | स्थायी शांति और सीमा विवाद का हल |