लेबनान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच अब सीजफायर की खबरें सामने आ रही हैं। हिजबुल्लाह और ईरान का कहना है कि कूटनीतिक कोशिशों की वजह से जल्द ही शांति समझौता हो सकता है। हालांकि इजरायल इन दावों को पूरी तरह गलत बता रहा है, जिससे इस पूरे मामले में उलझन बनी हुई है।

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सीजफायर को लेकर कौन क्या कह रहा है?

हिजबुल्लाह के प्रवक्ता और सांसद Ibrahim Mousawi ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर चल रही कोशिशों के कारण लेबनान में जल्द ही सीजफायर हो सकता है। ईरान के एक बड़े अधिकारी ने भी जानकारी दी कि बुधवार रात से एक हफ्ते का सीजफायर शुरू होने की उम्मीद है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाएई ने साफ किया कि लेबनान में सीजफायर की बातचीत उनके एजेंडे का मुख्य हिस्सा है।

इजरायल और अमेरिका का क्या है रुख?

इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि लेबनान में कोई सीजफायर नहीं है। वहीं अमेरिका में इजरायल और लेबनान के राजनयिकों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक इस बातचीत में सीजफायर का मुद्दा शामिल नहीं था। अमेरिका का मुख्य ध्यान हिजबुल्लाह के प्रभाव को कम करने पर है।

जमीनी स्तर पर क्या हालात हैं?

बातचीत की खबरों के बावजूद सीमा पर हमले जारी हैं। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के जहरानी नदी के पास रहने वाले लोगों को तुरंत घर खाली करने की चेतावनी दी है। सेना ने यह भी बताया कि उन्होंने हिजबुल्लाह के 200 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सब कुछ बड़े स्तर की कूटनीति पर निर्भर है।