लेबनान गुरुवार को वाशिंगटन में इजराइल के साथ होने वाली एक अहम बैठक में शामिल होगा। इस बैठक में लेबनान युद्धविराम की अवधि को एक महीने के लिए बढ़ाने की मांग करेगा। लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि इजराइली बमबारी और कब्जे वाले इलाकों में तोड़फोड़ को रोकना बहुत जरूरी है। राष्ट्रपति Joseph Aoun ने बताया कि इस सिलसिले में लगातार बातचीत चल रही है।

वाशिंगटन की बैठक में लेबनान किन बातों पर जोर देगा?

लेबनान की सरकार इस बैठक में मौजूदा सीजफायर समझौते का पूरी तरह पालन करने की मांग करेगी। लेबनान चाहता है कि दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना वापस जाए और वहां बंद लेबनानी कैदियों को रिहा किया जाए। साथ ही विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी और मानवीय संकट को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही जाएगी। लेबनान अपनी संप्रभुता का सम्मान चाहता है।

युद्धविराम की मौजूदा स्थिति और ताजा विवाद क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की घोषणा के बाद 16-17 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का युद्धविराम लागू हुआ था। लेकिन 22 अप्रैल को इजरायली सेना ने हिज़्बुल्लाह पर रॉकेट हमलों का आरोप लगाया और जवाबी कार्रवाई की। इजरायली रक्षा मंत्री Israel Katz ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता तो सेना पूरी ताकत से हमला करेगी। हिज़्बुल्लाह ने इस पूरी व्यवस्था को लेबनान का अपमान बताया है।

जमीनी हालात और मानवीय संकट की क्या स्थिति है?

2 मार्च को संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद से लेबनान में 2,100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। करीब 10 लाख लोग अपने घरों से विस्थापित होकर इधर-उधर रहने को मजबूर हैं। फिलहाल इजरायल ने लेबनान के 55 गांवों पर अपना कब्जा जारी रखा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इजरायल को आत्मरक्षा में कार्रवाई करने की अनुमति दी है, जिससे यह युद्धविराम काफी नाजुक बना हुआ है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.