लेबनान में हालात बहुत खराब हो चुके हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च से अब तक 2,700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. सबसे दुखद बात यह है कि सीजफायर के बाद भी हमले नहीं रुके और आम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं.
लेबनान में मौतों का आंकड़ा और सरकारी रिपोर्ट
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और उनके इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि 2 मार्च 2026 से अब तक 2,700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) की रिपोर्ट और भी डराने वाली है क्योंकि उनके मुताबिक 17 अप्रैल को सीजफायर लागू होने के बाद भी कम से कम 380 लेबनानी लोग मारे गए. UNHCR की प्रतिनिधि Karolina Lindholm Billing ने कहा कि जो लोग विस्थापित हुए हैं वे अपने घर लौटना चाहते हैं लेकिन उनके घर तबाह हो चुके हैं और वहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं बची हैं.
सीजफायर के बाद हुए हमले और अंतरराष्ट्रीय तनाव
सीजफायर के बावजूद दोनों तरफ से नियमों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं. 6 मई को Beirut के दक्षिणी इलाकों में इसराइल ने हवाई हमला किया जिसमें Hezbollah कमांडर Malek Balou मारा गया. इसके अलावा Zelaya इलाके में हुए एक हमले में 4 लोग मारे गए जिनमें दो महिलाएं और एक बुजुर्ग शामिल थे. इसराइल की सेना का दावा है कि अप्रैल के बीच से अब तक उन्होंने 220 Hezbollah लड़ाकों को खत्म किया है. वहीं दूसरी तरफ 8 मई को Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच भी गोलीबारी हुई जिससे तनाव और बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उम्मीद जताई है कि वाशिंगटन और तेहरान जल्द ही शांति समझौते पर पहुंच सकते हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान में सीजफायर कब लागू हुआ था?
अमेरिका की मध्यस्थता में 17 अप्रैल 2026 को सीजफायर लागू हुआ था जिसे बाद में 17 मई 2026 तक बढ़ाया गया.
सीजफायर के बाद अब तक कितने लोग मारे गए?
UNHCR की रिपोर्ट के मुताबिक 17 अप्रैल को सीजफायर शुरू होने के बाद भी कम से कम 380 लेबनानी लोगों की जान गई है.