लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक डराने वाली रिपोर्ट जारी की है। मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 4,320 लोगों की जान जा चुकी है और 12,203 लोग घायल हुए हैं। हालात इतने खराब हैं कि देश की 20 प्रतिशत आबादी यानी 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़कर भाग चुके हैं।
26 जून 2026 को अमेरिका की मदद से एक समझौता हुआ था ताकि जंग रुके और तनाव कम हो। लेकिन इसके बाद भी इजरायली सेना के हमले जारी रहे। इजराइल का कहना है कि वे केवल हिजबुल्ला के ठिकानों और उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun जल्द ही अमेरिका जाएंगे। उन्होंने साफ किया कि जब तक हमले नहीं रुकते, वे इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से नहीं मिलेंगे।
UNIFIL की टीमें वहां तैनात हैं और उन्होंने बताया कि सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। UN मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने इन हमलों को बहुत भयानक बताया था। दक्षिणी लेबनान में लौटे परिवारों को वहां सब कुछ तबाह मिला है। वहां बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी खत्म हो गई हैं और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
इजराइल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने जानकारी दी कि इस मामले पर चर्चा के लिए अगला दौर 14 और 15 जुलाई को Rome में होगा।
