लेबनान और इसराइल के बीच चल रही जंग में मरने वालों की संख्या अब और बढ़ गई है। लेबनानी स्वास्थ्य अधिकारियों ने नए आंकड़े जारी किए हैं जिससे पता चलता है कि यह लड़ाई कितनी खतरनाक होती जा रही है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली डील को लेकर अब दुनिया भर में चर्चा शुरू हो गई है।

जंग में भारी नुकसान

लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि 2 मार्च से अब तक इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच हुए टकराव में 3,826 लोग मारे गए हैं। इसके अलावा 11,851 लोग घायल हुए हैं। इससे पहले 15 जून को मरने वालों की संख्या 3,798 बताई गई थी, जिसे अब अपडेट कर दिया गया है।

अमेरिका और ईरान की डील पर विवाद

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ़ कहा कि अगर इसराइल की सेना दक्षिणी लेबनान में रही या वहां हमले जारी रखे, तो इसे अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। ईरान का मानना है कि जब तक लेबनान से इसराइली सेना नहीं हटती, तब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने की इसराइल की आलोचना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के काम करने के तरीके पर नाराजगी जताई है। ट्रंप ने कहा कि वह इस बात से खुश नहीं हैं कि इसराइल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ यह ‘छोटी जंग’ कैसे लड़ी, जो अब खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हर किसी को ढूंढने के लिए पूरी अपार्टमेंट बिल्डिंग को गिरा देना सही नहीं है और इसराइल को लेबनान के मामले में ज्यादा जिम्मेदार होना चाहिए।

इसराइल और हिजबुल्लाह का रुख

इसराइल के बड़े अधिकारियों ने अमेरिका-ईरान समझौते को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह उन पर लागू नहीं होता। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ़ किया कि उनकी सेना लेबनान की सीमा से करीब 25 मील अंदर एक ‘सुरक्षा क्षेत्र’ में बनी रहेगी।

वहीं हिजबुल्लाह ने कहा कि जब तक इसराइल लेबनान से पूरी तरह बाहर नहीं निकलता, तब तक ईरान और अमेरिका के बीच कोई परमाणु समझौता नहीं होना चाहिए। हिजबुल्लाह ने लोगों से यह भी कहा कि वे अभी अपने घरों को वापस न लौटें और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।

मौजूदा हालात

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में अभी थोड़ी शांति देखी गई। वहां केवल दो हमले हुए, जिनमें एक ड्रोन हमला एक गाड़ी पर था। फिलहाल अमेरिका अगले 24 से 48 घंटों में इस समझौते का पूरा विवरण जारी कर सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.