Lebanon News: घर लौटे हज़ारों लोगों के सामने था मलबे का ढेर, इसराइल ने बनाया ‘Yellow Line’ बफर ज़ोन
लेबनान के दक्षिणी इलाके में रहने वाले हज़ारों लोग हफ़्तों बाद अपने घरों को लौटे, लेकिन वहां का नज़ारा बेहद दर्दनाक था. इसराइली हमलों की वजह से ज़्यादातर घर पूरी तरह तबाह हो चुके थे. हालांकि दोनों देशों के बीच 10 दिनों का युद्धविराम हुआ था, लेकिन लोग अब भी डरे हुए हैं और वापस बसने में हिचकिचा रहे हैं.
लेबनान में अब क्या हो रहा है और ‘Yellow Line’ क्या है?
लेबनान और इसराइल के बीच 10 दिनों के लिए युद्धविराम हुआ था, जिसके बाद विस्थापित लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे. लेकिन वहां पहुँचने पर उन्हें पता चला कि उनके घर या तो पूरी तरह गिर चुके हैं या रहने लायक नहीं बचे हैं. इसी बीच इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में एक ‘Yellow Line’ बफर ज़ोन बनाने का ऐलान किया है, जैसा उसने गाज़ा पट्टी में किया था. सुरक्षा के हालात अब भी खराब हैं और 18 अप्रैल को एक फ़्रांसीसी UNIFIL सैनिक की भी मौत हो गई.
अस्पताल, पुल और सुरक्षा को लेकर क्या चेतावनी मिली है?
युद्ध के दौरान बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचाया गया है. दक्षिणी लेबनान का एकमात्र चालू अस्पताल Tibnin Hospital भी इसराइली हमलों में क्षतिग्रस्त हो गया. इसके अलावा Litani और Dalafa जैसे पुलों को भी तबाह कर दिया गया ताकि बेका क्षेत्र तक पहुँच को रोका जा सके. लेबनानी सेना ने लोगों को फिलहाल वापस न लौटने की सलाह दी है. हिज़्बुल्लाह नेता महमूद कमाती ने चेतावनी दी है कि इसराइल कभी भी धोखा दे सकता है, इसलिए लोग पूरी तरह भरोसा न करें और सुरक्षित जगहों पर ही रहें.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल मौतें | लगभग 2,300 लोग |
| विस्थापित लोग | 10 लाख से ज़्यादा |
| युद्धविराम की अवधि | 10 दिन |
| नया सैन्य क्षेत्र | Yellow Line (बफर ज़ोन) |
| क्षतिग्रस्त अस्पताल | Tibnin Hospital |
| तबाह किए गए पुल | Litani और Dalafa पुल |