लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाई अब बहुत ही गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 लाख से ज्यादा लोग अपना घर-बार छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए हैं, जो लेबनान की कुल आबादी का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा है। इसराइल की तरफ से लगातार किए जा रहे हवाई हमलों और ज़मीनी घुसपैठ ने वहां के आम नागरिकों की ज़िंदगी में भारी तबाही मचा दी है।

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जंग में अब तक कितनी हुई तबाही और नुकसान?

लेबनान के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2 मार्च 2026 से शुरू हुई इस लड़ाई में अब तक भारी जानी नुकसान हुआ है। नीचे दी गई टेबल से आप समझ सकते हैं कि हालात कितने भयावह हो चुके हैं:

विवरण आंकड़े और जानकारी
कुल मरने वालों की संख्या 1,461 (6 अप्रैल तक)
बच्चों की जान गई 126
कुल घायल लोग 4,400 से अधिक
बेघर हुई आबादी 10 लाख से ज्यादा
आबादी का हिस्सा लेबनान की 20% जनसंख्या
पिछले 24 घंटे में मौतें 39 लोग
सुरक्षा क्षेत्र का दायरा सीमा से 30 किलोमीटर तक

प्रमुख बयान और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चिंता

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हिजबुल्लाह की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जंग और शांति का फैसला लेने का हक सिर्फ सरकार को है। दूसरी ओर, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने बातचीत की अपील तेज कर दी है ताकि देश को और अधिक बर्बादी से बचाया जा सके। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) और शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने चेतावनी दी है कि लेबनान का हेल्थ सिस्टम अब दबाव में है। इसराइल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि वे सीमावर्ती गांवों में लोगों को वापस नहीं आने देंगे और वहां सुरक्षा घेरा बनाएंगे। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इन हमलों में अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन की आशंका जताई है।