Lebanon में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है और आसमान में धुआं देखा जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते (peace deal) के बावजूद Israeli सेना की कार्रवाई जारी है। इस हिंसा की वजह से आम लोगों में डर का माहौल है और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
ताज़ा जानकारी के मुताबिक, 17 और 18 जून 2026 को दक्षिणी Lebanon के Nabatieh al-Fawqa और Kfar Tebnit जैसे इलाकों में हवाई हमले हुए। Lebanon की सरकारी एजेंसी NNA ने बताया कि शांति समझौते की घोषणा के बाद से अब तक कम से कम 5 लोग मारे जा चुके हैं। इसके अलावा Beirut और Baalbek के ऊपर Israeli ड्रोन भी देखे गए हैं।
क्या है US-Iran peace deal
अमेरिका और ईरान के बीच 14 पॉइंट्स का एक समझौता (MOU) साइन हुआ है, जिसे राष्ट्रपति Donald Trump ने मंजूरी दी और अब यह लागू हो चुका है। इस समझौते में साफ़ तौर पर कहा गया था कि Lebanon समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और हमेशा के लिए खत्म कर दी जाएगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी इस डील के तुरंत लागू होने की पुष्टि की थी।
नेताओं के अलग-अलग बयान
- ईरान का रुख: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि Lebanon में Israeli सेना की मौजूदगी इस समझौते का उल्लंघन है। ईरान के मुख्यालय ने चेतावनी दी कि इसराइल ने ceasefire का 84 बार उल्लंघन किया है और अब इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
- इसराइल का रुख: इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने पीछे हटने से साफ़ मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सेना सुरक्षा ज़ोन में तब तक रहेगी जब तक ज़रूरत होगी। वहीं National Security Minister Itamar Ben-Gvir ने साफ़ कहा कि Trump का समझौता उन पर लागू नहीं होता।
- Hezbollah की प्रतिक्रिया: Hezbollah चीफ Naim Qassem ने इस डील को ईरान की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने ही Lebanon को इस समझौते में शामिल करवाकर इसराइल को दबाव में लिया है।
आम लोगों पर असर
Lebanon की सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अभी दक्षिणी इलाकों में वापस न लौटें क्योंकि वहां हमले का खतरा बना हुआ है। Amnesty International की रिपोर्ट के मुताबिक, 7 जून 2026 तक 10 लाख से ज़्यादा लोग अपने घर छोड़कर विस्थापित हो चुके थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च 2026 से अब तक Lebanon में 3,700 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
बता दें कि Lebanon और इसराइल के बीच अमेरिका की मदद से वाशिंगटन में सीधी बातचीत अप्रैल 2026 से चल रही है ताकि इस लड़ाई को पूरी तरह खत्म किया जा सके।