लेबनान और इसराइल के बीच जारी जंग को रोकने के लिए अब व्हाइट हाउस में सीधी बातचीत होने वाली है। लेकिन लेबनान के अंदर ही इस बात को लेकर भारी खींचतान चल रही है कि इस लड़ाई को खत्म करने का सही तरीका क्या है। कुछ लोग हिजबुल्लाह के सैन्य जवाब का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि इससे कोई फायदा नहीं हुआ।

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व्हाइट हाउस में बातचीत और युद्धविराम का क्या है अपडेट?

23 अप्रैल 2026 को लेबनान और इसराइल के बीच दूसरे दौर की सीधी बातचीत व्हाइट हाउस में शुरू होनी थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस युद्धविराम को कराने और बातचीत शुरू करने में बड़ी भूमिका निभाई है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने 16 अप्रैल से लागू 10 दिन के युद्धविराम को और आगे बढ़ाने की कोशिश की है और इसराइल से घरों को गिराना बंद करने की मांग की है।

हिजबुल्लाह और लेबनान सरकार के बीच क्यों मची है रार?

इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने लेबनान सरकार से मांग की है कि वह हिजबुल्लाह को पूरी तरह निशस्त्र करे। लेबनान सरकार ने भी हिजबुल्लाह को सभी सैन्य गतिविधियां रोकने का आदेश दिया और ईरान के राजदूत को देश से बाहर कर दिया। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने इन वार्ताओं को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि वह किसी भी समझौते को नहीं मानेगा। हिजबुल्लाह के नेताओं ने सरकार के इस फैसले को एक बड़ी रणनीतिक गलती बताया है।

लेबनान में हालात कितने गंभीर हो गए हैं?

लेबनान के अंदरूनी हालात अब गृहयुद्ध जैसे होने लगे हैं और देश दो हिस्सों में बंट गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल के हमलों में 50,000 से ज्यादा घर तबाह हो चुके हैं और लेबनानी पत्रकार अमल खलील की भी जान चली गई। विशेषज्ञ जेड शहरौर का कहना है कि लेबनान के पास अपनी कोई शक्ति नहीं बची है और हिजबुल्लाह के सैन्य तरीकों से भी कोई मनचाहा नतीजा नहीं निकला।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com