लेबनान में युद्ध की स्थिति और खराब हो गई है। इसराइल के हमलों में अब अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। WHO के प्रमुख ने इस पर गहरी चिंता जताई है क्योंकि आम लोगों का इलाज करना अब बहुत मुश्किल होता जा रहा है।

अस्पतालों पर हमले और WHO की चिंता

WHO चीफ Tedros Adhanom Ghebreyesus ने बताया कि दक्षिण लेबनान के Tebnine Government Hospital के पास हुए हमलों में 11 स्वास्थ्य कर्मी घायल हुए। इन हमलों से अस्पताल के वेंटिलेटर, मॉनिटर और फार्मेसी को भारी नुकसान पहुंचा है। मार्च 2026 से अब तक लेबनान में स्वास्थ्य केंद्रों पर 133 हमले हुए हैं, जिनमें 88 लोगों की जान गई और 206 घायल हुए। इस दौरान 5 अस्पतालों और 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बंद करना पड़ा।

लेबनान में अब तक कितना नुकसान हुआ

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो आंकड़े दिए हैं, वे काफी डराने वाले हैं। युद्ध की वजह से आम नागरिकों और मेडिकल स्टाफ को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है।

विवरण संख्या/आंकड़ा
कुल मौतें 2,167
महिलाओं की मौत 260
बच्चों की मौत 172
मेडिकल कर्मियों की मौत 91
विस्थापित लोग 10 लाख से ज्यादा
बंद हुए अस्पताल 5

क्या युद्ध रुकने की कोई उम्मीद है

अमेरिका के दबाव के बाद इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट एक हफ्ते के लिए युद्धविराम (ceasefire) पर विचार कर रही है। वहीं दूसरी तरफ, IDF चीफ Eyal Zamir ने दक्षिण लेबनान के लिटानी नदी तक के इलाके को Hezbollah आतंकवादियों के लिए ‘किलिंग ज़ोन’ घोषित किया है। लेबनान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र (UN) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.