Lebanon के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने Israel के साथ सीधी बातचीत करने का बड़ा फैसला लिया है. यह घोषणा गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को की गई. यह कदम बुधवार को Beirut और आसपास के इलाकों में हुए भीषण हमलों के बाद उठाया गया है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की जान चली गई और 1,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए. Lebanon सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और कोई अन्य देश उनकी ओर से बातचीत नहीं करेगा.

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Lebanon सरकार का बातचीत को लेकर क्या है मुख्य स्टैंड?

Lebanon के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने कहा कि Israel की तरफ से किए गए हमले अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन हैं. सरकार ने अपनी Foreign Ministry के जरिए पुष्टि की है कि वे अब सीधे तौर पर मेज पर बैठकर मसले का हल निकालना चाहते हैं. प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि Beirut पर नियंत्रण बढ़ाया जाए और हथियारों का इस्तेमाल केवल वैध सरकारी बलों तक ही सीमित रखा जाए. Lebanon का मानना है कि सीधे संवाद से ही स्थिति को काबू में किया जा सकता है.

Israel और अन्य देशों की इस पर क्या है प्रतिक्रिया?

Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि उनका सैन्य अभियान Hezbollah के खिलाफ जारी रहेगा. उनका तर्क है कि मौजूदा संघर्ष विराम समझौते में Lebanon का जिक्र उस तरह नहीं है जैसा अन्य पक्ष मान रहे हैं. दूसरी तरफ, Iran और Pakistan का दावा है कि दो हफ्ते का संघर्ष विराम Lebanon पर भी लागू होता है. UN महासचिव António Guterres ने बुधवार को हुए हमलों की कड़ी निंदा की है और शांति बहाली पर जोर दिया है. Australia के प्रधानमंत्री ने भी इन हमलों को रोकने और संघर्ष विराम का दायरा बढ़ाने की वकालत की है.

ताजा हालात और मुख्य आंकड़े

घटना/विवरण जानकारी
हमले की तारीख 8 अप्रैल 2026
कुल मौतें 200 से अधिक
घायलों की संख्या लगभग 1,000
Hezbollah की कार्रवाई Israel के उत्तरी हिस्से में रॉकेट दागे
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल JD Vance के नेतृत्व में Islamabad में बातचीत होगी

मौजूदा स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि एक तरफ बातचीत की पेशकश की गई है, तो दूसरी तरफ सीमा पर सैन्य गतिविधियां जारी हैं. Iran ने भी Strait of Hormuz को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गलियारों में चिंता बढ़ गई है. अब सबकी नजरें Islamabad में होने वाली US और Iran की बातचीत पर टिकी हैं, जिससे इस क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद की जा रही है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.