लेबनान और इसराइल के बीच दशकों में पहली बार सीधी बातचीत शुरू हुई है। अमेरिका की मध्यस्थता में हुई इस बैठक में एक बड़े संघर्ष विराम पर सहमति बनी है। इस नए समझौते के तहत हिज़बुल्लाह को दक्षिणी लिटानी क्षेत्र से अपने पैर पीछे खींचने होंगे और लेबनानी सेना वहां का नियंत्रण अपने हाथ में लेगी। यह हिज़बुल्लाह के भविष्य और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

इसराइल और लेबनान के बीच क्या हुआ है नया समझौता?

वाशिंगटन में 2 और 3 जून 2026 को अमेरिका, लेबनान और इसराइल के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसके बाद 3 जून को तीनों पक्षों ने एक साझा बयान जारी करके सीजफायर की घोषणा की। इस समझौते के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • हमलों पर रोक: हिज़बुल्लाह को अपने हमले पूरी तरह रोकने होंगे और दक्षिणी लिटानी सेक्टर से अपने लड़ाकों को पीछे हटाना होगा।
  • लेबनानी सेना का नियंत्रण: क्षेत्र में पायलट ज़ोन बनाए जाएंगे जहां सिर्फ लेबनान की सरकारी सेना (LAF) का ही नियंत्रण होगा।
  • संप्रभुता का सम्मान: दोनों सरकारों ने माना कि लेबनान के भविष्य का फैसला केवल वहां की चुनी हुई सरकार करेगी, न कि कोई बाहरी ताकत या संगठन।

हिज़बुल्लाह और ईरान की भूमिका पर क्या फैसला लिया गया?

इस समझौते में दोनों देशों ने ईरान की क्षेत्र में गतिविधियों की आलोचना की है। समझौते में साफ किया गया है कि लेबनान को किसी भी देश या संगठन का बंधक बनने नहीं दिया जाएगा। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि हिज़बुल्लाह केवल इसराइल का नहीं बल्कि खुद लेबनान का भी दुश्मन है। उन्होंने लेबनान में एक ऐसी सुरक्षा व्यवस्था बनाने की उम्मीद जताई जो हिज़बुल्लाह के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो। लेबनान की सरकार ने साल 2025 से अब तक तीन बार हिज़बुल्लाह के हथियारों को हटाने के पक्ष में वोट किया है।

इस पूरे मामले पर हिज़बुल्लाह का क्या रुख है?

हिज़बुल्लाह इस सीधी बातचीत का हिस्सा नहीं था। संगठन के महासचिव शेख नईम कासिम ने इस बातचीत को पहले ही अवैध करार दिया था। उनका कहना था कि हिज़बुल्लाह के पास जो हथियार हैं वे केवल देश की रक्षा के लिए हैं और उन्हें छोड़ा नहीं जा सकता। संगठन के नेताओं ने यह भी चेतावनी दी थी कि हथियारों को जबरन छीनने की कोशिश से देश में गृहयुद्ध के हालात बन सकते हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब अगले दौर की बैठक 22 जून 2026 के हफ्ते में होने वाली है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल और लेबनान के बीच अगली बैठक कब होगी?

दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अगले दौर की बातचीत 22 जून 2026 वाले हफ्ते में आयोजित की जाएगी।

सीजफायर समझौते की मुख्य शर्त क्या रखी गई है?

इस समझौते की सबसे बड़ी शर्त यह है कि हिज़बुल्लाह को दक्षिणी लिटानी सेक्टर से अपने लड़ाकों को हटाना होगा और हमले रोकने होंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.