लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने साफ़ कर दिया है कि उनकी सरकार इज़राइल के साथ सीधे बातचीत कर रही है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन से मुलाकात के दौरान कहा कि वे हिज़्बुल्लाह से टकराव नहीं चाहते, लेकिन उससे डरेंगे भी नहीं। शांति बहाल करने और देश की संप्रभुता बचाने के लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगा है।

इज़राइल के साथ सीधी बातचीत और वॉशिंगटन मीटिंग का क्या है प्लान

लेबनान और इज़राइल के बीच राजदूत स्तर की सीधी बातचीत इस गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन में जारी रहेगी। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने पूर्व राजदूत साइमन करम को इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की ज़िम्मेदारी सौंपी है। इन चर्चाओं का मुख्य लक्ष्य युद्ध को पूरी तरह खत्म करना, इज़राइली सेना की वापसी और लेबनान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर लेबनानी सेना को तैनात करना है।

सीजफायर और हिज़्बुल्लाह की भूमिका पर क्या अपडेट है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में पिछले गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का सीजफायर लागू हुआ था। यह संघर्ष तब बढ़ा जब 2 मार्च 2026 को हिज़्बुल्लाह ने सीमा पार मिसाइलें दागी थीं। प्रधानमंत्री सलाम का मानना है कि हिज़्बुल्लाह का निशस्त्रीकरण और इज़राइल की वापसी केवल बातचीत के ज़रिए ही संभव है।

फ्रांस और इज़राइल का इस मामले पर क्या कहना है

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने आश्वासन दिया है कि फ्रांस लेबनान को बातचीत की तैयारी में मदद करेगा, हालांकि वह खुद इन चर्चाओं में हिस्सा नहीं लेगा। दूसरी ओर, इज़राइल दक्षिणी लेबनान में एक बफर ज़ोन बनाना चाहता है ताकि अपनी उत्तरी सीमा को सुरक्षित रख सके। इस बीच, लेबनान को अपने मानवीय संकट से निपटने के लिए अगले छह महीनों में 588 मिलियन डॉलर की ज़रूरत है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.