लेबनान के दक्षिण हिस्से में फिर से तनाव बढ़ गया है। हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों में एक इसराइली सैनिक की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। इसके जवाब में इसराइल ने भी लेबनान में भारी गोलाबारी की जिससे कई आम लोग मारे गए। यह सब तब हुआ जब दोनों देशों के बीच 17 अप्रैल को हुआ ceasefire समझौता टूटता नजर आया।

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हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले और इसराइली नुकसान

IDF ने कन्फर्म किया है कि 30 अप्रैल 2026 को दक्षिण लेबनान के Qantara गांव में एक ड्रोन हमले में 19 साल के सैनिक Sgt. Liem Ben Hamo की मौत हो गई। इसी हमले में एक और सैनिक घायल हुआ है। इसके अलावा Bint Jbeil में भी एक महिला ऑफिसर और एक पुरुष सैनिक घायल हुए। उत्तरी इसराइल के Shomera इलाके में भी ड्रोन हमले से 12 सैनिक घायल हुए हैं। IDF के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने fiber-optic guided drones का इस्तेमाल किया ताकि जैमिंग सिस्टम को मात दी जा सके।

लेबनान में तबाही और सरकारी बयान

इसराइली हमलों के बाद लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिण लेबनान में 9 लोग मारे गए जिनमें 2 बच्चे और 5 महिलाएं शामिल हैं। करीब 23 लोग घायल हुए हैं। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इसराइल की इस कार्रवाई की निंदा की और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की मांग की ताकि नागरिकों और पैरामेडिक्स पर हमले रुकें। वहीं इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने शहीद सैनिक के परिवार के प्रति शोक जताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान में ड्रोन हमले कब हुए और इसका असर क्या रहा

ये हमले 30 अप्रैल 2026 को हुए। इसमें एक इसराइली सैनिक मारा गया और कई घायल हुए, जबकि जवाबी कार्रवाई में लेबनान के 9 नागरिक मारे गए।

हिजबुल्लाह ने किस तरह के ड्रोन का इस्तेमाल किया

हिजबुल्लाह ने fiber-optic cable तकनीक वाले ड्रोन इस्तेमाल किए। यह तकनीक ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम से बचाती है जिससे हमला सटीक होता है।