Lebanon-Israel Conflict: लेबनान में पत्रकारों को घेरा, मंत्री ने UN से मांगी मदद, इसराइल पर लगा गंभीर आरोप

लेबनान के दक्षिणी इलाके At-Tiri में तनाव काफी बढ़ गया है। यहाँ इसराइली सेना ने पत्रकारों और फोटोग्राफरों को चारों तरफ से घेर लिया है। लेबनान के सूचना मंत्री Paul Morcos ने इस गंभीर मामले में UN और अपनी सेना से संपर्क किया है ताकि फंसे हुए पत्रकारों को सुरक्षित निकाला जा सके।

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इस घटना में क्या हुआ और कौन लोग फंसे हैं?

लेबनान के मंत्री Paul Morcos ने बताया कि At-Tiri में हुए हमलों के बाद इसराइली सैनिकों ने पत्रकारों को घेर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Amal Khalil और Zeinab Faraj नाम की दो महिला पत्रकार वहाँ फंसी हुई हैं। 22 अप्रैल 2026 को इस इलाके में दो बार हवाई हमले हुए, जिनमें कुछ लोगों की जान भी गई और इसके बाद पत्रकारों को घेरा गया।

लेबनान सरकार और UN का इस पर क्या कहना है?

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun और मंत्री Paul Morcos ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाना एक बड़ा अपराध है और इसके लिए इसराइल जिम्मेदार है। UN के एक्सपर्ट्स ने भी इसराइल की इस आदत की निंदा की है और एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है क्योंकि युद्ध के दौरान पत्रकारों को नागरिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।

सीमा पर मौजूदा हालात क्या हैं?

लेबनान के राष्ट्रपति फिलहाल इसराइल के साथ युद्धविराम (ceasefire) को बढ़ाने के लिए राजनयिक कोशिशें कर रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक इसराइली सेना अपनी मौजूदगी सीमावर्ती गांवों में बढ़ा रही है। वह वहाँ एक ‘बफर जोन’ बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसके लिए कई गांवों में तबाही मचाई जा रही है और लोगों को जबरन हटाया जा रहा है।