Hezbollah के नेता Naim Qassem ने अमेरिका में लेबनान और इसराइल के बीच होने वाली मीटिंग को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इस बातचीत को बेकार बताया है क्योंकि इसराइल लेबनान पर अपने हमले तेज कर रहा है। Qassem ने लेबनान सरकार से मांग की है कि मंगलवार को होने वाली इस मीटिंग को तुरंत रद्द किया जाए।

मीटिंग को लेकर Hezbollah ने क्या कहा?

Hezbollah नेता Naim Qassem ने एक टीवी संबोधन में कहा कि वह इसराइल के साथ किसी भी तरह की बातचीत को स्वीकार नहीं करते हैं। उन्होंने इन प्रयासों को ‘मुफ्त रियायतें’ देने जैसा बताया और लेबनान सरकार पर इसराइल का मोहरा बनने का आरोप लगाया। उनके साथ ही राजनीतिक काउंसिल के सदस्य Wafiq Safa ने यह साफ कर दिया कि इस मीटिंग से निकलने वाले किसी भी समझौते को Hezbollah नहीं मानेगा और वह अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

कब और कैसे शुरू हुआ यह पूरा घटनाक्रम?

लेबनान और इसराइल के बीच तनाव पिछले कुछ समय से काफी बढ़ गया है। इस विवाद की मुख्य तारीखें नीचे दी गई हैं:

तारीख घटना
2 मार्च 2026 Hezbollah की रॉकेट फायरिंग के साथ इसराइल और Hezbollah के बीच जंग शुरू हुई।
9 अप्रैल 2026 इसराइल ने लेबनान की मांग पर सीधी बातचीत के लिए सहमति दी।
10 अप्रैल 2026 लेबनान की प्रेसीडेंसी ने मंगलवार को मीटिंग करने का ऐलान किया।
11 अप्रैल 2026 लेबनान के प्रधानमंत्री ने अपनी अमेरिका यात्रा स्थगित कर दी।
13 अप्रैल 2026 Naim Qassem ने टीवी पर आकर मीटिंग का विरोध किया।

इसराइल की इस मीटिंग से क्या उम्मीद है?

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का कहना है कि उनकी मुख्य शर्त Hezbollah के हथियारों को पूरी तरह खत्म करना है। वह एक स्थायी शांति समझौता चाहते हैं लेकिन उन्होंने साफ किया है कि Hezbollah के साथ किसी भी तरह की युद्धविराम (ceasefire) की संभावना नहीं है। इसराइल की प्रवक्ता Shosh Bedrosian ने भी पुष्टि की है कि फिलहाल कोई सीजफायर नहीं होगा।