Lebanon-Israel Peace Talks: लेबनान की सांसद ने कहा सीधी बातचीत से रुकेगी जंग, हिज़बुल्लाह को निशस्त्र करने के लिए मांगी विदेशी मदद

लेबनान में जारी तनाव के बीच एक बड़ी बहस छिड़ गई है। वहां की स्वतंत्र सांसद Najat Aoun Saliba ने कहा कि इसराइल की ‘किलिंग मशीन’ को सिर्फ सीधी बातचीत से ही रोका जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि लेबनानी सेना के पास संसाधनों की कमी है और हिज़बुल्लाह के हथियारों को हटाने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मदद की ज़रूरत है।

लेबनान सरकार का क्या है प्लान?

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा कि वॉशिंगटन में होने वाली बातचीत के दौरान इसराइल द्वारा घरों को तोड़े जाने का मुद्दा उठाया जाएगा। प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने साफ किया कि कोई भी समझौता तभी होगा जब इसराइल अपनी सेना पूरी तरह वापस लेगा और कोई बफर ज़ोन नहीं बनाया जाएगा। विदेश मंत्री Yousseff Raggi ने कहा कि शांति और अपनी जमीन वापस पाने के लिए इसराइल से बातचीत करने में कोई शर्म नहीं है।

हिज़बुल्लाह और इसराइल का रुख क्या है?

हिज़बुल्लाह के नेता Hassan Fadlallah ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत का विरोध किया और इसे एक बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा कि इससे देश के अंदर आपसी मतभेद बढ़ेंगे। दूसरी ओर, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि वे हिज़बुल्लाह को निशस्त्र करने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। इसराइल ने युद्धविराम के दौरान दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखने का फैसला किया है।

मौजूदा हालात और वॉशिंगटन मीटिंग

23 अप्रैल 2026 को वॉशिंगटन में लेबनान और इसराइल के बीच बातचीत का दूसरा दौर शुरू हुआ। इस बैठक का मुख्य मकसद युद्धविराम को आगे बढ़ाना और भविष्य के स्थायी समझौतों पर चर्चा करना था। इसी बीच, हिज़बुल्लाह ने इसराइल द्वारा घरों को गिराए जाने के विरोध में ड्रोन और रॉकेट हमले किए। इन हमलों की वजह से दोनों देशों के बीच बना नाजुक युद्धविराम और कमजोर हो गया है।