लेबनान और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए अब कूटनीतिक रास्ते खुल रहे हैं. खबर है कि दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत अब अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुख्यालय वाशिंगटन में आयोजित की जाएगी. यह बातचीत अगले हफ्ते शुरू होने वाली है और इसे शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. दोनों देशों के अधिकारी एक मेज पर बैठकर तनाव कम करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे ताकि क्षेत्र में शांति वापस आ सके.

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बातचीत के मुख्य बिंदु और शामिल होने वाले अधिकारी

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द सीधी बातचीत शुरू करें. लेबनान की तरफ से मांग की गई है कि अमेरिका इस समझौते का अंतरराष्ट्रीय गारंटर बने ताकि भविष्य में किसी भी वादे का उल्लंघन न हो. इस महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिका की ओर से राजदूत मिशेल ईसा और लेबनान की ओर से राजदूत नदा मुअव्वद के शामिल होने की खबर है. वहीं इसराइल की तरफ से यहील लीटर को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

लेबनान और इसराइल के बीच वर्तमान स्थिति और बाधाएं

हाल के दिनों में लेबनान में हिंसा काफी बढ़ गई है और बेरूत में हुए हमलों में 200 से ज्यादा लोगों की जान गई है. लेबनान ने 9 अप्रैल को राष्ट्रीय शोक घोषित किया था. इन हमलों के बीच बातचीत का रास्ता निकालना बड़ी चुनौती बना हुआ है. इस समझौते के लिए कुछ मुख्य जानकारियाँ नीचे टेबल में दी गई हैं:

विवरण जानकारी
बातचीत की जगह अमेरिकी विदेश मंत्रालय, वाशिंगटन
संभावित समय 9 अप्रैल 2026 के बाद का हफ्ता
मुख्य मुद्दा शांति स्थापना और हिजबुल्लाह का हथियार डालना
अन्य पक्ष ईरान, पाकिस्तान और अमेरिका (युद्धविराम के लिए सक्रिय)
ताजा अपडेट लेबनान ने बातचीत के लिए युद्धविराम की मांग की है

ईरान और पाकिस्तान का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच होने वाला युद्धविराम लेबनान पर भी लागू होना चाहिए, जबकि इसराइल और अमेरिका का रुख इस पर अलग है. रूसी सरकार ने भी मांग की है कि शांति समझौते में लेबनान को शामिल करना अनिवार्य है. फिलहाल सबकी नजरें वाशिंगटन में होने वाली इस पहली आधिकारिक मुलाकात पर टिकी हैं.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.